शिवमय हुई अवन्तिका नगरी, ठाठ- बाट से निकली कार्तिक(मार्गशीर्ष ) अगहन माह की अंतिम राजसी सवारी

उज्जैन, कार्तिक-मार्गशीर्ष (अगहन) माह की चतुर्थ एवं अंतिम (राजसी) सवारी में भगवान श्री महाकालेश्वर जी अपनी प्रजा का हाल जानने हेतु नगर भ्रमण पर निकले। यह अंतिम और राजसी सवारी सोमवार को पूरे ठाट-बांट और राजसी स्वरूप में निकाली गई। रजत पालकी में विराजित श्री मनमहेश भगवान अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो सम्पूर्ण उज्जैन नगरी भगवान श्री महाकालेश्वर जी के जय-जयकार से गुंजायमान हो उठी। चारों दिशाओं में भगवान महाकाल की भक्ति में लीन भक्तो के नेत्र, त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की एक झलक पाने के लिए अधीर थे जगह जगह सवारी मार्गो में भक्तों द्वारा भगवान श्री मनमहेश जी का फूलों से स्वागत किया गया।

सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित सभामंडप में मुख्य पुजारी प.घनश्याम शर्मा द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर के श्री मनमहेश जी स्वरूप का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूजन-अर्चन के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सी.ई.ओ. जिला पंचायत श्री श्रेयांश कुमट, उप प्रशासक श्री एस.एन. सोनी आदि उपस्थित थे।
पूजन उपरांत भगवान श्री मनमहेश जी रजत पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर प्रजा का हाल जानने निकलें। सवारी में आगे तोपची, कडाबीन, श्री महाकालेश्वर बैण्ड, पुलिस बैण्ड घुडसवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान नगर वासियों को बाबा के आगमन की सूचना देते चल रहे थे। पालकी को मुख्य द्वार पर श्री महाकालेश्वर बैण्ड एवं सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा भगवान को सलामी (गॉड ऑफ ऑनर) दी गई । जिसके उपरांत यह राजसी सवारी श्री महाकालेश्वर मंदिर से होते हुए महाकाल रोड, कोट मोहल्ला, गुदरी चोराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, हरसिद्धीपाल से होते हुए रामघाट पंहुची। रामघाट पर माँ क्षिप्रा के जल से भगवान श्री मनमहेश जी का पूजन-अर्चन एवं आरती विधिवत की गई।

आरती उपरांत सवारी गंधर्व घाट, गणगौर दरवाजा, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चोक, खाती समाज का श्री जगदीश मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चोराहा, मिर्जा नईम बेग, तेलीवाड़ा चोराहा, कंठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चोक होते हुए श्री गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चोराहा, महाकाल चोराहा होते हुए पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में पहुंची, जहाँ आरती के पश्चात राजसी सवारी का समापन हुआ।