उज्जैन, अंकितग्राम, सेवाधाम आश्रम उज्जैन में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आश्रम संस्थापक सुधीर भाई गोयल ने स्वामी विवेकानन्द जयंती पर उनके सद्कार्यों को याद करते हुए उनके बताए गए दरिद्र नारायण की सेवा के मार्ग पर चलने का प्रण लिया और कहा कि वह मेरे आध्यात्मिक गुरू है। बचपन से लेकर आज तक निरंतर स्वामीजी के चरित्र एवं उनके बताऐ मार्ग पर चलने की एक छोटी से कोशिश कर रहा हूं। राष्ट्रीय युवा दिवस पर अमलतास हाॅस्पिटल एण्ड मेडिकल काॅलेज देवास में आश्रम के बहु दिव्यांग 4 बालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं हेतु एवं स्वस्थता की मंगल कामनाओं के साथ विदा किया। इस अवसर पर आश्रम में विगत 40 वर्षों से परिवार को त्याग चुकी चम्पाबाई को 20 माह पूर्व मरणासन्न एवं दयनीय स्थिति में श्रीमान सीएसपी थाना महाकाल की अनुशंसा पर लावारिस स्थिति में प्रवेश दिया था। आश्रम की देखेरख एवं आत्मीय प्यार के कारण वह स्वस्थ हुई एवं परिवार की काउंसलिंग कर सम्पूर्ण परिवार में पुत्र, बहू, बेटी, पोते एवं अन्य परिवाजनों की उपस्थिति में मंगल तिलक, माला एवं मिष्ठान्न खिलाकर परिवार में पुनर्वास किया।