मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया श्री महाकाल महोत्सव का शुभारंभ, श्री महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल का भी हुआ शुभारंभ

उज्जैन, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में मकर सक्रांति पर्व की पावन संध्‍या पर श्री महाकाल महालोक परिसर में 05 दिवसीय श्री महाकाल महोत्‍सव की भव्‍य शुभारंभ किया गया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि श्री महाकाल की नगरी काल गणना के साथ अब यह नगरी उत्‍सव और आनंद की नगरी के रुप में पहचानी जा रही है। बाबा श्री महाकाल की नगरी स्‍वर्ग से भी सुंदर रुप ले रही है। यहां पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा श्री महाकाल महालोक का शुभारंभ किया गया था। शुभारंभ के बाद पहली बार बाबा श्री महाकाल के आंगन में श्री महाकाल महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। श्री महाकाल की इस पवित्र नगरी में भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्‍ण के साथ ही भगवान श्री गुरुनानक देव महाराज ने भी यहां आकर इस धरती को धन्‍य किया है।
मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अवंतिका नगरी कई प्राचीन कथाओं को समेटे हुए है। धार्मिक पर्यटन के आधार पर उज्‍जैन और प्रदेश की पहचान बन रही है। श्री महाकाल हमारी प्रत्‍येक श्‍वास में बसे हुए हैं। बाबा श्री महाकाल ने सेवा करने का अवसर दिया है। उसी अवसर के बलबूते पर परमात्मा हमें अच्छे से अच्छा काम करने का मौका दे रहा है। मध्य प्रदेश में परमात्मा की कृपा है। दो-दो ज्योतिर्लिंग यहां है। उज्जैन तो और सौभाग्यशाली है कि शक्तिपीठ मां हरसिद्धि हमारे यहां विराजी हुई और दक्षिण भारत के हिसाब से मॉं गढ़कालिका का भी एक शक्तिपीठ है। उन्‍होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है यह सम्राट विक्रमादित्य की नगरी बाबा श्री महाकाल के आशीर्वाद से दुनिया में एक अलग प्रकार से जानी जाती। शिवरात्रि से लेकर के गुड़ी पड़वा तक एक महीने लगातार उज्जैन में मेला लगता है। उज्‍जैन और ग्‍वालियर में आयोजित व्‍यापार मेंले में वाहनों पर कर की छूट भी दी जा रही है। इस प्रकार यहां श्रद्धालु दर्शन के लिए आए और वाहन भी बाबा के आर्शिवाद से खरीदकर ले जाए। इस बार इसमें नया अध्याय जोड़ा गया कि भोपाल की तर्ज पर 05 दिवसीय वन्‍य उत्‍पाद मेला भी दशहरा मैदान पर आयोजित किया जाएगा। आज के अवसर पर श्रावण महोत्सव के समान श्री महाकाल उत्सव की शुरुआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस उत्सव ने उज्जैन की सुंदरता को स्वर्ग के समान बना दिया है। आज की उज्जैयिनी नगरी महाकवि कालिदास की रचनाओं की अवंतिका के समान हो गई है। सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के काल से अवंतिका नगरी न्याय और प्रशासनिक दक्षता की वाहक है। सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज और अवंतिका नगरी की अन्य महान विभूतियों और प्रेरक कहानियों को श्री महाकाल महालोक में मूर्ति कला और दीवारों पर चित्रों के माध्यम से बड़ी सुंदर तरीके से दर्शाया गया है। श्री महाकाल की नगरी काल की नगरी है श्री महाकाल की कृपा से हमारी प्रत्येक सांस है। भगवान श्री महाकाल की प्रेरणा से यह जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित है।
मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की बाबा महाकाल के डमरू की कल्पना भी बहुत सुंदर है। जिसमें बारिश की बूंद गिरते हुए तालाब नदी पर जो आवाज करती है उसी आवाज से मिलकर डमरू वादन का सृजन हुआ है। बाद के सारे यंत्र उससे जुड़ते चले गए जिसके माध्यम से संगीत की बहुत समृद्ध परंपरा हमारे शास्त्रीय संगीत के माध्यम से नाना प्रकार से दुनिया ने सीखी है।
प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने इस अवसर पर कहा कि मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव हर विधा में पारंगत है। भगवान श्री महाकालेश्‍वर की नगरी उज्‍जैनी के सुनहरे इतिहास और गरिमा को देश और दुनिया के कोने-कोने में लेजाने का सफलता पूर्वक प्रयास मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने किया है। यह अद्तिीय है मुख्‍यमंत्री के कुशल नेतृत्‍व में उज्‍जैन का चहुमुखी विकास हो रहा है।
सांसद बालयोगी श्री उमेंश नाथ जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि महाकाल महोत्‍सव उज्‍जैन को विश्‍व के पटल पर एक अविस्‍मरणीय क्षण के रुप में ले जाएगा। इस पवित्र प्रांगण में आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा से आज महाकाल महोत्‍सव का भव्‍य शुभारंभ किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने श्री महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव ने 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के दानदाताओं के लिए वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/bhaktniwas का भी शुभारंभ किया। मुख्‍यमंत्री द्वारा 100 ऐपिसोड के सीरीयल महाकाल सृष्टि के समय के टीजर का भी लोकार्पण किया गया। वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा।
इसके पश्‍चात प्रसिद्ध पार्श्‍व गायक श्री शंकर महादेवन द्वारा ‘शिवोऽहम्’ एवं अन्‍य प्रसिद्ध भजनों की रंगारंग प्रस्‍तुति दी जिसने उपस्थित नागरिकों व कलाप्रेमियों का मन मोह लिया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल,राज्य सभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सत्यनारायण जटिया,श्री संजय अग्रवाल, श्री राजेश धाकड़, श्री रवि सोलंकी, श्री नरेश शर्मा, श्री श्रीराम तिवारी,श्री रूप पमनानी आदि जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।