उज्जैन, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की योजनानुसार सम्राट विक्रमादित्य भवन, उज्जैन में 19 से 21 जून 2026 तक आयोजित अखिल भारतीय बालिका शिक्षा कार्यशाला का समापन बालिका शिक्षा के अखिल भारतीय प्रभारी मा. अवनीश भटनागर, अखिल भारतीय संयोजक सुश्री रेखा चुडासमा एवं भारतीय जैन संगठन की एमटी तथा ऑटोमोबाइल व्यवसायी श्रीमती अनिता जैन की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
समापन सत्र का आयोजन मुक्त चिंतन सत्र के रूप में किया गया। कार्यशाला का प्रतिवेदन अखिल भारतीय सह-संयोजक श्रीमती सुनीता पांडे ने प्रस्तुत किया। देश के विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रांतों से आई प्रतिभागी बहनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बालिका शिक्षा से संबंधित योजनाओं एवं विचारों को हिन्दी एवं अंग्रेजी में प्रस्तुत किया।
श्रीमती अनिता जैन ने कहा कि निरंतर सीखते रहने से व्यक्ति प्रतिदिन बेहतर बनता है। बालिकाओं को तुलना एवं अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचाते हुए आत्मसम्मान, अधिकार एवं जिम्मेदारी का बोध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में बालिका शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा स्वर्णिम भारत के निर्माण हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समय की आवश्यकता है।
मा. अवनीश भटनागर ने अपने उद्बोधन में कहा कि पिछले 15 वर्षों में बेटियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण एवं व्यवहार में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। आज प्रत्येक क्षेत्र में बेटियां अपनी प्रतिभा एवं पराक्रम का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों एवं समाज में बालक-बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए शिक्षकों को प्रभावी रोल मॉडल बनना होगा। बालिकाओं के लिए उचित परामर्श व्यवस्था तथा आत्मीय संवाद उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने पतंजलि प्रणीत क्षिप्त, विक्षिप्त, एकाग्र एवं निरुद्ध चित्त की अवस्थाओं का उल्लेख करते हुए बालिकाओं के सात्विक एवं संतुलित व्यक्तित्व निर्माण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के विकास हेतु संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय उपाध्यक्ष मधु श्री साव, अखिल भारतीय सह-संयोजक श्रीमती पवित्रा दहल एवं श्रीमती सुनीता पांडे, प्रांत सह सचिव श्री अनुराग जैन, प्रांत प्रमुख श्री पंकज पवार, प्रशिक्षण निदेशक डॉ. रविंद्र शर्मा, महाप्रबंधक श्री महेश गुप्ता तथा विभाग समन्वयक श्री विष्णु श्रोत्रिय उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत प्रतिभागी संयोजक बहनों द्वारा किया गया। परिचय डॉ. हिना नीमा ने, संचालन श्रीमती शोभा तोमर ने तथा आभार प्रदर्शन सुश्री प्रमिला शर्मा ने किया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर से आई बालिका शिक्षा प्रमुखों ने किया योगाभ्यास
कार्यशाला के अंतिम दिवस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योगाचार्य सुश्री सुषमा यादव ने योग सत्र का संचालन किया।
मुख्य वक्ता डॉ. डॉली गोस्वामी, ग्रामीण शिक्षा सह-सचिव, विद्या भारती एवं प्राध्यापक, शासकीय शिक्षा महाविद्यालय ने कहा कि “कर्म में कौशल ही योग है।” उन्होंने यम, नियम एवं अष्टांग योग के माध्यम से भारतीय जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया तथा कहा कि योग से बालिकाओं को जोड़कर आने वाली पीढ़ी को सुदृढ़ एवं संस्कारित बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिना नीमा ने किया। इस अवसर पर मा. अवनीश भटनागर, सुश्री रेखा चुडासमा, मधु श्री साव, श्रीमती पवित्रा दहल, श्रीमती सुनीता पांडे, श्री अनुराग जैन, श्री पंकज पवार, डॉ. रविंद्र शर्मा, श्री महेश गुप्ता एवं श्री विष्णु श्रोत्रिय सहित सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग श्री महेंद्र सिंह चंदेल, किशन जगदेव, लखन चैधरी एवं सुशांत रॉय द्वारा यूट्यूब पर की गई।
