भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रथम सवारी 03 अगस्त को निकाली जाएगी

उज्जैन,श्रावण-भादौ मास में भगवान श्री महाकाल की सवारियां निकाली जायेंगी। श्रावण मास की प्रथम सवारी 03 अगस्त 2026 को निकाली जायेगी। भादौ मास में भगवान महाकाल की अन्तिम राजसी (शाही) सवारी 07 सितम्बर 2026 को निकाली जायेगी। श्रावण मास में चार सवारियां एवं भादौ मास में दो सवारियां निकलेगी। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में श्री महाकाल मंदिर परिसर स्थित ग्रीन रूम के पीछे सभाकक्ष में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सम्बन्ध में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली सवारियों में श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था बेहतर और सुव्यवस्थित हो, श्रद्धालुओं को बेहतर और सुव्यवस्थित ढंग से भगवान महाकाल की सवारी के दर्शन हो सकें, ऐसा प्रयास किया जायेगा।

*प्रथम सवारी 03 अगस्त 2026 एवं अन्तिम राजसी (शाही) सवारी 17 सितम्बर 2026 को निकाली जायेगी*

श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली सवारियों के क्रम में प्रथम सवारी सोमवार 03 अगस्त 2026, द्वितीय सवारी सोमवार 10 अगस्त 2026, तृतीय सवारी सोमवार 17 अगस्त 2026, चतुर्थ सवारी सोमवार 24 अगस्त 2026 को श्रावण मास में निकाली जायेगी। इसी तरह भादौ मास में पंचम सवारी सोमवार 31 अगस्त 2026 तथा राजसी (शाही) सवारी सोमवार 07 सितम्ब‍र 2026 को निकाली जायेगी।
सवारी मार्ग
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी श्री महाकालेश्वर मन्दिर के सभा मण्डप में विधि-विधान से पूजन-अर्चन उपरांत अपने निर्धारित समय से प्रारम्भ होकर महाकाल लोक, गुदरी चौराहा , बक्षी बाजार, कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां सवारी का पूजन-अर्चन होने के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चोक, खाती समाज मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा , छत्री चोक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार होती हुई श्री महाकालेश्वर मन्दिर में वापस आयेगी।
राजसी (शाही) सवारी 07 सितम्बर 2026 को उपरोक्त मार्ग के अतिरिक्त टंकी चौराहा से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा चौराहा , कण्ठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चोक, गोपाल मन्दिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मन्दिर पहुंचेगी।

*श्रावण-भादौ मास में भस्म आरती पर मंदिर के पट खुलने के समय में परिवर्तन रहेगा*
श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन भगवान श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती 30 जुलाई 2026 से 07 सितम्बर 2026 तक प्रातःकालीन पट खुलने का समय प्रातः 03.00 बजे होगा। प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का समय प्रातः 2.30 बजे होगा। भस्म आरती प्रतिदिन प्रातः 3 से 5 बजे तक और प्रत्येक सोमवार को 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। इसी तरह 08 सितम्बर से पट खुलने का समय पूर्ववत होगा।

*सामान्य दर्शन प्रवेश व्यवस्था*

सामान्य दर्शन व्यवस्था श्रावण-भादौ मास में त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नन्दी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेन्टर-1, टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन दर्शनार्थी करेंगे। साथ ही नीलकंठ प्रवेश द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश कर फेसिलिटी सेन्टर-1 एवं टनल मन्दिर परिसर, कार्तिक मण्डपम, गणेश मण्डपम से दर्शन उपरांत (निर्माल्य द्वार) अथवा नवीन आपातकालीन निर्गम द्वार से सीधे बाहर के लिये प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालुओं हेतु जल अर्पण की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप व कार्तिकेय मंडपम में जलपात्र के माध्यम से रहेगी।

*शीघ्र दर्शन प्रवेश व्यवस्था गेट नम्बर 01 एवं 05 से रहेगी*

शीघ्र दर्शन व्यवस्था 01 – हरसिद्धि चौराहा से बैरिकेट के रास्ते – द्वार नंबर 05 – विश्रामधाम – सभा मण्डपम् – गणेश मण्डपम् से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार से सीधे बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे।
शीघ्र दर्शन व्यवस्था 02 – द्वार नंबर 01 विश्रामधाम – सभा मण्डपम् – गणेश मण्डपम् से भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के उपरांत निर्गम द्वार से सीधे बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे।

*दर्शनार्थियों के जूता स्टेण्ड की व्यवस्था*
– त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर जूता स्टेण्ड
– श्री महाकाल महालोक प्लाजा के पास जूता स्टेण्ड
– विक्रम टीला के समीप जूता स्टेण्ड
– द्वार नंबर 01 पर जूता स्टेण्ड
– हरसिद्धि चौराहा के सम्मुख जूता स्टेण्ड
– मानसरोवर भवन के सम्मुख जूता स्टेण्ड
– नीलकण्ठ प्रेवश द्वार जूता स्टेण्ड

*पार्किंग की व्यवस्था*
– श्री महाकालेश्वर अन्नक्षैत्र के समीप वाला रिक्त स्थान
– मेघदूत वन पार्किंग
– निलकंठ पार्किंग
– चारधाम पार्किंग
– कर्कराज पार्किंग
– कार्तिक मेला ग्राउण्ड पार्किंग

*कावड़ यात्रियों की व्यवस्था*
श्रावण-भादौ मास के दौरान अत्यधिक संख्या में कावड़ यात्रियों का आगमन होना निर्धारित रहता है। उक्त आगंतुक कावड़ यात्रियों की जल अर्पण की व्यवस्था के लिए सप्ताह में 04 दिवस मंगलवार, बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार की गई है। कावड़ यात्री दल को द्वार नंबर 01 एवं हरसिद्धि – चौराहा स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश दिया जावेगा। शनिवार, रविवार तथा सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक होने के फलस्वरूप किसी भी कावड़ दल को अनुमति जारी नहीं की जावेगी।

सम्पूर्ण सवारी मार्ग पर सी.सी.टी.व्ही., पी.ए. सिस्टम, बेरिकेटिंग, सफाई व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, जल की व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। सवारी के दौरान शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये जिला प्रशासन से कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को पाबन्द किया जायेगा।

*बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*
• तृतीय सवारी सावन सोमवार एवं श्री नागचंद्रेश्वर दर्शन एक ही दिन होने की स्थिति में उस दिन की व्यवस्थाएँ पृथक बैठक में निर्धारित की जाएंगी।
• पिछले वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सभी सवारियों में जनजातीय सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियाँ सम्मिलित की जाएंगी।
• प्रत्येक सवारी में पूर्वानुसार थीम निर्धारित की जाएगी जिसके अनुसार सवारी में झाँकियाँ एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ सम्मिलित की जाएंगी।
• श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के उद्देश्य से प्रत्येक सवारी के साथ पाँच एलईडी रथ सम्मिलित किए जाएंगे।
• सभी आरतियों में कार्तिक मंडप की प्रथम तीन पंक्तियों से श्रद्धालुओं को चलित आरती दर्शन करवाए जाएंगे।
• सफाई सुरक्षा तथा भवनों की सुरक्षा के लिए नगर निगम द्वारा पर्याप्त संसाधनों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
• सवारी मार्ग एवं सभी प्रमुख स्थलों पर कार्यपालक दंडाधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
• श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा हेतु 15 चिन्हित स्थानों पर मेडिकल टीमें तैनात की जाएंगी। इसके अतिरिक्त 24×7 एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध रहेगी।
• निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा विद्युत तारों एवं खंभों के आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ की जाएंगी।
• श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए समय से पूर्व पर्याप्त मात्रा में बैरिकेडिंग उपलब्ध कराकर स्थापित की जाएगी।
• श्रावण महोत्सव, सांस्कृतिक संध्या सहित अन्य भव्य आयोजनों का भी आयोजन किया जाएगा।
* सवारी मार्ग के सभी प्रमुख एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन हेतु दिशा सूचक एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, प्रशासक एवं अपर कलेक्टर श्री प्रथम कौशिक, नगर पालिक निगम आयुक्‍त श्री अभिलाष मिश्रा, ए.डी.एम. उज्‍जैन श्री अतेंद्र सिंह, उज्‍जैन विकास प्राधिकरण सी.ई.ओ. श्री संदीप सोनी, जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांश कुमट, डिप्टी कलेक्टर एवं उप प्रशासक श्री पवन बरिया, श्री एस.एन. सोनी, श्रीमती सिम्मी यादव सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।