उज्जैन,मुख्य चिकित्सां एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल के द्वारा जानकारी दी गई कि सड़क दुर्घटना मे पीड़ित घायल व्यक्ति के सही समय पर अस्पताल न पहुंचने के कारण घायल व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है। सड़क दुर्घटना मे घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने मे आम नागरिकों को यह भय रहता है कि वे भी पुलिस कार्यवाही के भागी बन जायेंगे अर्थात घायल को अस्पताल पहुचाने की मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस द्वारा पुछताछ की जायेंगी, जिस कारण आम नागरिक चाहते हुवे भी पुलिस कार्यवाही के भय से सड़क दुर्घटना मे घायल व्यक्ति को अस्पताल में ले जाने से कतराते है किन्तु ऐसा नहीं है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25 हजार रुपए एवं प्रशस्ती पत्र प्रदानं करने का प्रावधान है।
शासन द्वारा सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार कराने के उद्देश्यं से गुड सेमेरिटन योजना लागू की गई है ताकि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से पीड़ित को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहनस्वरूप राशि प्रदान की जा सकें। इस योजनांतर्गत सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को राहवीर की परिभाषा मे शामिल किया गया है। सड़क दुर्घटना में गम्भीर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल लाने वाले राहवीर को राशि 25 हजार रुपए एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान करने का प्रावधान है।
इस योजना से सड़क दुर्घटना मे गम्भीर घायल व्यक्ति का त्वरित उपचार संभव हो सकेगा वही प्रोत्साहन राशि 25 हजार रुपए के कारण नवयुवा एवं आम आदमी पीड़ित की मदद के लिये तत्पर रहेंगे, जिससे सड़क दुर्घटना मे पीड़ित व्यक्ति की जान बच पाएगी। सड़क दुर्घटना मे होने वाली मृत्युदर में कमी परिलक्षित हो सकेगी।