उज्जैन, जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल एवं राज्य सभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज के आतिथ्य में विश्व प्रसिध्द श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर स्मरणोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किये गए। श्री महाकाल मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लाइव संबोधन प्रसारित हुआ जिसे अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह ने सुना।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि देश की आजादी में वंदेमातरम की पुकार ने क्रांति की ज्वाला बनाये रखी जिससे देश के क्रांतिकारियों और आम जनता ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राज्य सभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज जी ने कहा कि वंदेमातरम् गीत अमर है। हम सब सदैव वंदेमातरम् गान गाते रहे। उन्होंने शहरवासियों, प्रदेशवासियों एवं देशवासियों कि मंगलकामना करते हुए कहा कि वंदेमातरम् गीत हम सब के लिए आन, बान, शान है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने भारतमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित किया और द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने बालिकाओं का पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम के समापन में सभी ने पुलिस बैंड की धुन पर वंदेमातरम् गीत का गायन किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, श्री प्रभुलाल जाटवा, श्री संजय अग्रवाल, श्री आनंद खींची, श्री जगदीश अग्रवाल, श्री ओम जैन, श्री कमलेश बैरवा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गुरुदत्त पाराशर, पुलिस बल, अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
वंदेमातरम
राष्ट्रगीत वंदेमातरम् श्री बंकीमचंद चटर्जी द्वारा संस्कृत और बांग्ला मिश्रित भाषा में रचित एक गीत है जिसका प्रकाशन 1882 में उनके उपन्यास ‘आनन्द मठ’ में प्रकाशित हुआ था। वंदेमातरम् शब्द में उर्जा, स्वप्न, संकल्प है। यह गीत हमारे आत्मविश्वास को भर देता है। यह गान अद्भूत और अनुभव की अभिव्यक्ती से परे है। यह गीत हमारे ह्रदय में उर्जा का संचार कर चित्त को प्रसन्न करता है।
