14 वर्ष बाद गुमशुदा युवती सकुशल दस्तयाब

उज्जैन, दिनांक 13 जनवरी 2011 को थाना महाकाल पर फरियादी द्वारा एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें बताया गया था कि उसके भाई की 19 वर्षीय बेटी, जो उसके साथ निवासरत थी, वह 13 जनवरी 2011 को सुबह 05:00 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। परिजनों द्वारा स्वयं की गई तलाश के उपरांत भी युवती का कोई सुराग न मिलने पर थाना महाकाल में गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज किया गया।

*🔹पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई:*–

गुमशुदगी दर्ज होने के पश्चात थाना महाकाल पुलिस द्वारा युवती की तलाश हेतु सतत प्रयास किए गए। इस दौरान संभावित क्षेत्रों में खोजबीन की गई ,सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना तंत्र एवं विभिन्न स्रोतों की सहायता ली गई ।

काफी प्रयासों के बावजूद लंबे समय तक युवती का कोई पता नहीं चल सका।

*🔹14 वर्षों के बाद मिली सफलता:*–

थाना महाकाल पुलिस द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग और मुखबिर सूचना तंत्र को सक्रिय बनाए रखने के फलस्वरूप दिनांक 05 दिसंबर 2025 को एक विश्वसनीय मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि एक महिला, जो गुमशुदा युवती के हुलिये से मिलती-जुलती है, उज्जैन के इन्द्रा नगर क्षेत्र में निवास कर रही है।
सूचना पर तत्परता से कार्यवाही करते हुए थाना महाकाल पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश दी गई, जहां से गुमशुदा युवती को सकुशल दस्तयाब किया गया।

*🔹पूछताछ में सामने आया तथ्य:*–

दस्तयाब युवती से पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि वह अपने परिजनों द्वारा पसंद की शादी न कराने से नाराज होकर घर से निकल गई थी । वह अपने प्रेमी के साथ कोटा (राजस्थान) चली गई थी ।कई वर्षों तक वहीं निवास करने के बाद वापस उज्जैन आकर इन्द्रा नगर क्षेत्र में रह रही थी।

*🔹सराहनीय भूमिका*–

थाना प्रभारी महाकाल निरीक्षक गगन बादल , सहायक उप निरीक्षक बलराम जाट, सहायक उप निरीक्षक चंद्रभान सिंह चौहान व महाकाल पुलिस टीम का योगदान रहा हे ।

*🔹उपलब्धि एवं पुलिस की भूमिका:*–

थाना महाकाल पुलिस द्वारा की गई लगातार प्रयास और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के परिणामस्वरूप 14 वर्ष से लंबित यह गुमशुदगी प्रकरण सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया, जो पुलिस की सतत निगरानी, दृढ़ संकल्प और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग का प्रमाण है।