नगर निगम उपायुक्त श्री टैगोर ने उपस्थित विद्यार्थियो को दिन के 24 घंटे एवं साल के 365 दिन की प्लानिंग समझाई

उज्जैन, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के इनिशिएटिव पर प्रारंभ हुए संकल्प क्लब में आज अपर कलेक्टर एवं प्रशासक महाकाल मंदिर और नगर निगम उपायुक्त श्री संतोष टैगोर का व्याख्यान जिला ग्रन्थालय स्कूल शिक्षा विभाग में हुआ । उक्त दोनों ने उपस्थित 120 प्रतियोगी को परीक्षा के प्रतिभागी एवं स्कूली बच्चों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देकर विद्यार्थियो को प्रेरित किया ।
नगर निगम उपायुक्त श्री टैगोर ने विद्यार्थियों को दिन के 24 घंटे एवं साल के 365 दिन की प्लानिंग समझाई।उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सर्वप्रथम अपना लक्ष्य निर्धारण कर और जिज्ञासा को हमेशा जगा के रखकर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। यह उल्लेखनीय हे कि श्री टैगोर मार्गदर्शन के क्षेत्र पूर्व से ही सक्रिय है और उन्होंने इस संकल्प क्लब के लिए भी मेंटर की भूमिका को स्वीकार कर , आगे भी अपनी उपलब्धता कोर टीम की सुनिश्चित की है।
श्री महाकाल मंदिर प्रशासक ने विद्यार्थियों को जीवन के प्रारंभिक समय का उपयोग करने ,एक ही परिवेश में रह रहे व्यक्ति भी अनुशासन द्वारा अपने जीवन की दिशा प्रशस्त करने के लिए कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित समाचार पत्र पढ़ना शुरू करने, पढ़ने से धीरे धीरे काम की बातें धीरे धीरे ध्यान में आने लगेगी और लॉजिकल रीजनिंग, मैथ्स से एक अप्रत्यक्ष नींव तैयार होगी। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में यह ध्यान रखना चाहिए कि जो तात्कालिक नियमित अध्यापन हम कक्षा में कर रहे है, सबसे पहले उसमें सफल होने पर ध्यान देना है । जो तात्कालिक लक्ष्य है उस पर ध्यान देना है जिससे एक अच्छी नींव तैयार होती है ।उन्होंने कहा कि केवल वहीं बंधनों से मुक्त है , जो अनुशासन का पालन करता है।अपनी दिनचर्या का अनुशासन से पालन करना है । बको ध्यानम् जो कार्य हम कर रहे है उसमें पूर्ण सम्मिलित होना है, नियमित रूप से ध्यान, व्यायाम एवं खेल के लिए समय निकलना है ।पठन सामग्री (syllabus) – अपनी पठन सामग्री कंठस्थ होना चाहिए, परीक्षा के पैटर्न को समझने, जानने, मानसिकता एवं दृष्टिकोण बनाने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र का अभ्यास करना चाहिए। अपनी पठन सामग्री को लेकर एक बार रिसर्च कर ले । निष्काम कर्म – अपने हाथ में है अध्ययन करना , मेहनत करना , निष्काम भाव से अपना कर्म करना चाहिए।जितना अध्ययन पर ध्यान देंगे, उतना अच्छा परिणाम मिलेगा । हमारे सोचने का तरीका यही होना चाहिए कि मैं मेहनत करूंगा, फल अपने आप अच्छा मिलेगा । इसे अपने मन में आए नकारात्मक बातों से , तथा नकारात्मक वातावरण से दूरी बनती है । अल्पाहारी एवं श्वान निद्रा – शरीर की आवश्यकता अनुरूप सुपाच्य भोजन करना चाहिए, अधिक भोजन आलस्य बढ़ाता है । निद्रा श्वान की तरह होनी चाहिए, सदैव सजग ।
अंत में यूपीएससी, पीएससी एवं अन्य परीक्षाओं के एस्पिरेंट्स से जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांश कूमट एवं उपायुक्त नगर निगम श्री टैगोर ने पृथक चर्चा कर आगे की प्लानिंग पर विचार विमर्श किया । अगले सप्ताह सभी विद्यार्थियो से निबंध लेखन करवाना तय किया है। अंत में सीईओ जिला पंचायत श्री कुमूट ने अतिथियों को आभार व्यक्त किया । कार्यशाला का संचालन एडीपीसी तिवारी द्वारा किया गया ।इस अवसर पर श्री महाकाल मंदिर की ओर से 102 पुस्तकों के तीन सेट ग्रन्थालय को प्रदान किए गए । दानदाता श्री खंडेलवाल का भी स्वागत किया गया ।