उज्जैन, भारतीय दर्शन के वैश्विक गौरव स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के पुनीत अवसर पर भारत विकास परिषद ‘क्षिप्रा’ द्वारा एक भव्य और प्रेरणादायी बौद्धिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव मात्र नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी के भीतर सुप्त पड़ी सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करने और उन्हें अपनी सनातन जड़ों से जोड़ने का एक वैचारिक महाकुंभ सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण के साथ हुआ। ‘वंदे मातरम’ गीत के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में महिला प्रमुख सविता पटेल ने संपूर्ण राष्ट्रगीत का सस्वर और ओजपूर्ण गान किया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंगाें में सराबोर हो गया।
परिषद के अध्यक्ष मुकेश लखवानी ने अपने प्रखर उद्बोधन में विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि विवेकानंद का जीवन दर्शन ही वह प्रकाश स्तंभ है, जो आधुनिकता की दौड़ में भटकते युवाओं को सही दिशा दे सकता है। उन्होंने विवेकानंद के आध्यात्मिक राष्ट्रवाद पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को पुरुषार्थ का मंत्र दिया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे रीजनल सेक्रेटरी ओम प्रकाश गुप्ता एवं शाखा पालक राजेश पंड्या ने भी विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से लड़ने और चरित्र निर्माण के लिए जरूरी संदेश देकर उनका मार्गदर्शन किया।
नारायणा ई-टेक्नो स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति के प्रति गौरव भाव जाग्रत करना रहा। आयोजन के दौरान उपस्थित 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने महापुरुषों के सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। विद्यालय की प्राचार्य धर्मपुरी उषा कल्याणी एवं डीन मनीष विश्वकर्मा ने परिषद के इस सार्थक प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन नेहा गोयल द्वारा किया गया एवं अंत में सभी का आभार अभिषेक गोयल ने व्यक्त किया।
