शिव नवरात्रि के सप्तम दिवस भगवान श्री महाकालेश्वर जी ने श्री मनमहेश स्वरुप में भक्तों को दर्शन दिये

उज्जैन, श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि का उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान भगवान श्री महाकालेश्वर जी 14 फरवरी 2026 तक अलग-अलग नौ स्वरूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
प्रतिदिन अनुसार श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण स्थित कोटितीर्थ पर प्रातः 08 बजे से श्री गणेश पूजन व श्री कोटेश्वर महादेव भगवान का पूजन-अभिषेक-आरती के साथ शिव नवरात्रि महोत्सव के सप्तम दिवस का प्रारम्भ हुआ।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी श्री घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राम्हाणों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान जी का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया गया । अपराह्न में 3 बजे संध्या पंचामृत पूजन के पश्चात श्री महाकालेश्वर भगवान ने श्री मनमहेश रूप धारण किया। पूजन पश्चात भगवान श्री महाकालेश्वर जी को नवीन वस्त्र धारण करवायी गयी । इसके अतिरिक्त मेखला, दुपट्टा, मुकुट, छत्र, नागकुण्डल, मुण्ड-माला आदि धारण करायी गयी। श्री महाकालेश्वर भगवान के श्री मनमहेश स्वरुप के अलौकिक दर्शन का पुण्य लाभ श्रद्धालुओं को रात्रि होने वाली शयन आरती तक प्राप्त होता है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा इस वर्ष नौ दिवसीय नारदीय कीर्तन हेतु पुणे से राष्ट्रीय कीर्तनकार आयुर्वेदाचार्य डॉ. अजय अपामार्जने का कीर्तन प्रतिदिन सायं 05 से 06 बजे तक मन्दिर परिसर मे नवग्रह मन्दिर के पास संगमरमर के चबूतरे पर हो रहा है । हरिकीर्तन के सप्तम दिवस डॉ. अपामर्जने ने भगवान महादेव की महिमा, सृष्टि का नियम, भगवान महाकालेश्वर के अर्धनारीश्वर स्वरूप की महिमा का बखान तथा नीलकंठ भगवान की कथा का वर्णन किया। कथा के दौरान तबला पर संगत श्री श्रीधर व्यास ने की।

*शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को शिवनवरात्रि के अष्टम दिवस भगवान श्री महाकालेश्वर जी श्री उमा महेश स्वरूप में दर्शन देंगे।