उज्जैन, महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी में उल्लास दिखाई दिया, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 2.30 बजे पट खुलते ही आठ कतार में लगे भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। भस्मआरती के बाद सुबह 7.30 से 8.15 दद्योदक आरती, सुबह 10.30 से 11.15 तक भोग आरती की गई। महाकालेश्वर के शिखर पर नवीन ध्वजा अर्पित की गई। इसके पूर्व ध्वजा का पूजन श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी महाकालेश्वर मंदिर के महंत विनीत गिरि महाराज ने किया।

मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, बैरिकेडिंग, पेयजल, टेंट एवं मैटिंग, चिकित्सा हेल्पडेस्क एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई,जिससे दर्शन प्रक्रिया निर्बाध एवं सुचारु रूप से संचालित रही ।
मंदिर प्रशासन के अनुसार शाम 5 बजे तक 3 लाख 96 हजार 278 श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिए। प्रशासन का आकलन बताता है कि श्रद्धालुओं ने औसत 30 मिनट की समयावधि में चारधाम पार्किंग एवं हरसिद्धि पाल मार्ग से प्रवेश करते हुए दर्शन लाभ लिए। शाम 4 बजे होल्कर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन किया गया।

रात 10 बजे तक 5 लाख 67 हजार 962 भक्त दर्शन लाभ ले चुके थे। रात 8 से 10 बजे तक कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्त धान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के बाद आरती की गई। रात 10.30 बजे से पूरी रात महाकालेश्वर का महाअभिषेक पूजन किया गया। इसमें शिवरात्रि के दिन एकादश-एकादशिनी रुद्रपाठ किया। महाशिवरात्रि महापर्व के अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे ।
