रक्षा मंत्रालय से मिली भूमि, हटाया गया अतिक्रमण, ट्रेनों के संचालन में मिलेगा बड़ा लाभ

उज्जैन,डॉ. अम्बेडकर नगर रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों में आ रही एक बड़ी बाधा को अब दूर कर लिया गया है। रेलवे द्वारा रक्षा मंत्रालय से विकास कार्यों के लिए मांगी गई भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा संबंधित क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को भी पूरी तरह हटा दिया गया है।

डॉ. अम्बेडकर नगर से पातालपानी के मध्य किमी 514/9 से 515/3 तथा किमी 515/22 से 515/26 के बीच अतिक्रमण हटाकर कुल 1,51,613 वर्ग फीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 13.45 करोड़ रुपये है। यह संपूर्ण भूमि रक्षा संपदा विभाग द्वारा रेलवे को हस्तांतरित कर दी गई है।

इस भूमि के उपलब्ध होने से स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 4 का विस्तार संभव हो सकेगा, जो वर्तमान में 400 मीटर लंबा है और जिस पर केवल 14 कोच की ट्रेन ही आ सकती है। विस्तार के बाद प्लेटफार्म-4 फुल लेंथ प्लेटफार्म बन जाएगा, जिससे पूरी लंबाई वाली ट्रेनें भी यहां आसानी से आ सकेंगी।

इसके साथ ही स्टेशन की लाइन नंबर 5 एवं 6 का भी विस्तार किया जा सकेगा, जिससे ट्रेनों की शंटिंग व्यवस्था बेहतर होगी और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा से भविष्य में इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के दौरान ट्रेनों को डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन पर शिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे इंदौर क्षेत्र में ट्रेन संचालन को बड़ी राहत मिलेगी।

इसके अलावा वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दौरान भी डॉ. अम्बेडकर नगर से अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं मजबूत होंगी, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

रेलवे द्वारा किए गए इस महत्वपूर्ण कदम से डॉ. अम्बेडकर नगर स्टेशन के विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय रेल परिचालन व्यवस्था भी अधिक मजबूत और सुविधाजनक बनने जा रही है।