फर्जी शेयर ट्रेडिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़, मुख्य संचालक सहित 4 आरोपी गिरफ्तार, लाखों का माल जप्त

उज्जैन,थाना जीवाजीगंज पुलिस द्वारा शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए फर्जी ब्रोकरेज कंपनी के कार्यालय पर दबिश देकर मुख्य संचालक सहित कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा लाखों रुपए की सामग्री जप्त की गई ।

*🔹घटना का विस्तृत विवरण :-*

आवेदक सूरज राठौर निवासी राधामोहन की गली, अंकपात मार्ग, उज्जैन द्वारा दिनांक 25.03.2026 को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर कुल ₹70,000/- की धोखाधड़ी की गई है। शिकायत साइबर पोर्टल पर पंजीबद्ध होने के उपरांत थाना जीवाजीगंज पुलिस को प्राप्त हुई।

मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल तकनीकी एवं मैनुअल जांच प्रारंभ की गई, जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक खातों, UPI ट्रांजेक्शन एवं डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया गया।

*🔹अपराध पंजीकरण एवं टीम गठन :-*

प्राथमिक जांच में शिकायत सत्य पाए जाने पर अपराध क्र. 76/2026 धारा 319(2), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66-D आईटी एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व) आलोक शर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक जीवजीगंज पुष्पा प्रजापति के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसे तकनीकी साक्ष्य संकलन एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया।

*🔹तकनीकी जांच एवं आरोपियों तक पहुंच :-*

जांच के दौरान प्राप्त मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों के विश्लेषण से संदेही सौरभ यादव निवासी इंदौर की पहचान की गई। उक्त संदेही को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा फर्जी शेयर ट्रेडिंग नेटवर्क के संचालन की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

सौरभ यादव से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना विजयनगर, जिला इंदौर अंतर्गत ऑर्बिट मॉल के पीछे PU-4 क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर 230 की एक मल्टी के तृतीय तल पर *“ALICE BLUE”* ब्रोकरेज फर्म के नाम से संचालित फर्जी कार्यालय की जानकारी प्राप्त हुई।

*🔹दबिश एवं गिरफ्तारी :-*

दिनांक 02.04.2026 को पुलिस टीम द्वारा उक्त स्थान पर सुनियोजित तरीके से दबिश दी गई, जहां एक व्यवस्थित कॉल सेंटर/ऑफिस संचालित पाया गया। मौके से निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया –

01. मुख्य संचालक – अरुण लोधी पिता इमृतलाल लोधी उम्र 27 वर्ष निवासी 304 स्मार्ट लिविंग पेरीडॉट देवास नाका जिला इंदौर, स्थायी पता ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी।

02. सहयोगी – नीरज आदिवासी पिता मुंशी आदिवासी उम्र 33 वर्ष निवासी 304 स्मार्ट लिविंग पेरीडॉट देवास नाका जिला इंदौर, स्थायी पता ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी।

03. सहयोगी – राहुल पाटीदार पिता राधेश्याम पाटीदार उम्र 31 वर्ष निवासी मकान नंबर 263 सेक्टर E स्लाइस-4 स्कीम नंबर 78 जिला इंदौर (रवि शर्मा का किराये का मकान), स्थायी पता ग्राम कालूखेड़ा तहसील सारंगपुर जिला राजगढ़।

04. नेटवर्क समन्वयक (पूर्व में अभिरक्षा में) – सौरभ यादव पिता विजय यादव उम्र 25 वर्ष निवासी 685 न्यू गौरी नगर मिलन होटल के पास थाना हीरानगर जिला इंदौर।
पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया।

*🔹जप्त की गई सामग्री :-*

दबिश के दौरान कार्यालय से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक एवं आपत्तिजनक सामग्री जप्त की गई, जिसमें –
▪️06 बेनामी सिम कार्ड
▪️03 बेनामी डेबिट कार्ड (स्टेट बैंक एवं जना बैंक)
▪️15 CPU (कंप्यूटर यूनिट)
▪️19 मॉनिटर
▪️मोबाइल फोन, राउटर, कीबोर्ड, माउस
▪️विभिन्न व्यक्तियों के डाटा (डिमेट/मोबाइल/बैंक विवरण)
▪️रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज
उक्त सामग्री की अनुमानित कीमत लाखों रुपए है, जिसका उपयोग संगठित साइबर ठगी में किया जा रहा था।

*🔹गिरोह का नेटवर्क एवं अन्य खुलासे :-*

पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि –
इस फर्जी कंपनी में लगभग 10-12 कर्मचारी कार्यरत थे । कर्मचारियों को स्क्रिप्ट आधारित कॉलिंग कर निवेशकों को फंसाने का प्रशिक्षण दिया जाता था । विभिन्न स्रोतों से डिमेट अकाउंट धारकों एवं निवेशकों का डाटा खरीदा जाता था ।

“Mahindra Trading” नामक फर्जी एप का उपयोग कर निवेशकों को नकली ग्राफ एवं प्रॉफिट दिखाया जाता था ।आरोपियों द्वारा यह भी बताया गया कि उन्हें फर्जी सिम कार्ड एवं बैंक खातों के डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने वाला *मिंटू उर्फ मयूर परिहार निवासी न्यू गौरी नगर जिला इंदौर, स्थायी पता कुमेदान मोहल्ला जिला टीकमगढ़।* है, जो वर्तमान में फरार है। उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम रवाना की गई है।

*🔹आरोपियों की विस्तृत कार्यप्रणाली (Modus Operandi) :-*

▪️लक्ष्य चयन – सोशल मीडिया/डाटा लीक के माध्यम से निवेशकों के मोबाइल नंबर प्राप्त करना
▪️प्रारंभिक संपर्क – व्हाट्सएप कॉल/मैसेज के माध्यम से संपर्क कर शेयर मार्केट में भारी लाभ का लालच देना
▪️विश्वास निर्माण – प्रारंभ में अधिकृत (ऑथेंटिक) ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराकर विश्वास जीतना
▪️फर्जी प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट – कमीशन बचाने का झांसा देकर “Mahindra Trading” नामक फर्जी एप डाउनलोड कराना
▪️निवेश कराना – फर्जी UPI ID के माध्यम से 20,000 से 1,00,000 रुपए तक की राशि जमा कराना
▪️फर्जी लाभ दिखाना – एप में निवेश पर अत्यधिक लाभ प्रदर्शित करना
▪️निकासी में बाधा – जब पीड़ित लाभ निकालने का प्रयास करता, तो विभिन्न बहाने बनाकर रोका जाता
▪️अतिरिक्त ठगी – निकासी हेतु अतिरिक्त राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता
▪️लगातार शोषण – जब तक पीड़ित पैसे देता रहता, उसे भ्रमित कर ठगा जाता

*🔹आगे की विवेचना :-*

“Mahindra Trading” एप के डेवलपर एवं तकनीकी सहयोगियों की पहचान की जा रही है। फर्जी बैंक खातों के स्रोत एवं अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है ।गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है

*🔹 सराहनीय भूमिका :-*

इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक विवेक कानौडिया (थाना प्रभारी जीवाजीगंज) के नेतृत्व में – आरक्षक महेन्द्र वैष्णव, प्रधान आरक्षक सर्वेश भदौरिया, आरक्षक दीपांशु पिपलोटिया, शंकर सिंह एवं बृजभूषण शर्मा की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।