उज्जैन, ग्राम पंचायत पासलोद के अंतर्गत ग्राम कलालखेड़ी में मनरेगा के तहत एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण कार्य पूर्ण हो गया है। 11.6 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से निर्मित नवीन चेक डैम एवं नाला ट्रेचिंग कार्य अब गांव के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
इसकी वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 6000 घन मीटर है । इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भूजल संवर्धन एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
इस चेक डैम के निर्माण से न केवल मानसून का पानी रोका जा सकेगा, बल्कि आस-पास की भूमि की नमी बनी रहेगी।
इससे लगभग 40 किसानों को अपनी खेतों की सिंचाई के लिए विश्वसनीय जल स्रोत उपलब्ध हो गया है। साथ ही, गांव में नलजल योजना के अंतर्गत बने बोरवेलों का रिचार्ज भी सुनिश्चित होगा, जिससे गांव के समग्र जल स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
स्थानीय किसानों ने इस कार्य को सराहते हुए कहा कि “पहले सूखे के मौसम में पानी की कमी से परेशानी होती थी, अब चेक डैम बनने से हमारी फसलों को नियमित सिंचाई मिल सकेगी।” महिलाओं ने भी जल संरक्षण कार्य को सराहा क्योंकि इससे नलजल योजना की विश्वसनीयता बढ़ गई है।
यह कार्य मनरेगा के सिद्धांत “जल संरक्षण, रोजगार सृजन एवं स्थानीय संसाधनों का विकास” को पूरी तरह साकार करता है।
कलालखेड़ी का यह चेक डैम न केवल जल संकट से निपटने का प्रभावी समाधान है, बल्कि मनरेगा के माध्यम से सशक्त ग्रामीण विकासकी एक जीती-जागती मिसाल भी है।