उज्जैन, भारतीय करण और राष्ट्रवाद दोनों अलग-अलग चीजें हैं। मुझे गर्व है इस मालवा की धरती पर, जो व्यक्ति अपनी भाषा को जिंदा रखे उसका सम्मान करना ही चाहिए। कभी भी पत्रकारिता में धर्म को नहीं लाना चाहिए। उपरोक्त विचार वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार पांडे के हैं आप आप महर्षि नारद जयंती के अवसर पर प्रेस क्लब पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
प्रेस क्लब एवं विश्व संवाद केंद्र मालवा द्वारा आयोजित इस आयोजन में पत्रकारिता का भारतीय करण, जड़ों की और लौटती सूचनाओं विषय पर कई वक्ताओं ने अपने विचार रखें और पत्रकारिता पर बात भी की। आयोजन को संबोधित करते हुए डॉ भावना पाठक ने कहा कि अब अखबारों में गांव की खबरें नजर नहीं आती। आपने कहा सोशल मीडिया ने हमें सबसे बड़ी ताकत प्रदान की। होना यह चाहिए कि हम ऐसे लोगों को एकत्रित करें जो नागरिक पत्रकार बनना चाहते हैं, उन्हें हम ट्रेनिंग दे और यह पहल प्रेस क्लब को करनी चाहिए। आयोजन की अध्यक्षता कर रहे प्रेस क्लब अध्यक्ष नंदलाल यादव ने कहा कि अब जमाना सोशल मीडिया का और यही काम महर्षि नारद जी भी करते थे। आपने प्रिंट मीडिया की तरफदारी करते हुए कहा कि आज भी आमजन का विश्वास प्रिंट मीडिया पर है। आपने कहा पत्रकार बंदिशो का सामना कर रहे इसके बावजूद वे काम कर रहे हैं जो सराहनीय है। आयोजन में अतिथि परिचय प्रेस क्लब के कार्यकारी अध्यक्ष डॉक्टर विशाल सिंह हाड़ा ने किया। संचालन स्वामी मुस्कुराके ने किया वही आभार विभाग प्रचार प्रमुख सोहन कुमार उदेनिया ने माना। इस अवसर पर विश्व संवाद केंद्र मालवा के पदाधिकारी समेत वरिष्ठ पत्रकार साथी उपस्थित थे।