उज्जैन, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, संस्कृति विभाग (मध्यप्रदेश शासन) एवं शिप्रा लोक संस्कृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन की पावन धरा पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ और ‘गंगा दशमी’ उत्सव होगा, जो 25 एवं 26 मई को पूरी गरिमा के साथ मनाया जाएगा। 25 मई को यात्रा राम घाट से प्रारंभ होगी। 26 मई को पुनः सुबह 9 बजे प्रारंभ होगी।
शिप्रा लोक संस्कृति समिति के सचिव श्री नरेश शर्मा ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ 25 मई को होगा। इसी दिन शाम 6 बजे भजन संध्या श्रेयश शुक्ला एवं साथी, संजो बघेल एवं साथी की प्रस्तुति होगी। 26 मई को सुबह 9 बजे पुनः यात्रा प्रारंभ होगी। इस दिन अन्य कार्यकम होंगे। इसमें सिम्फ़नी दोपहर 4 बजे भारतीय नौ सेना का बैंड, भजन जैमिंग शाम 7.30 बजे, केशव बैंड, सुगम संगीत रात 8. 30 बजे मैथिली ठाकुर एवं साथी द्वारा होंगी।
मुख्यमंत्री शिप्रा मां को अर्पित करेंगे चुनरी
26 मई को शाम 5 बजे रामघाट पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा माँ क्षिप्रा को 300 फीट लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी।
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन
17 से 26 मई तक प्रतिदिन शाम 5 बजे नारद कथा गायन परम्परा ( पं. ढोली बुवा) के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना का प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न चरणों में भक्ति संगीत, दैवज्ञ चेतना और शिप्रा तट की महिमा पर आधारित कार्यक्रम संपन्न होंगे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने उज्जैन की धर्मप्रेमी जनता से आग्रह किया है कि ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ और ‘गंगा दशमी’ के इस पुनीत अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करें।