उज्जैन, मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने शनिवार को प्रशासनिक संकुल भवन सभाकक्ष में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत विभिन्न विभागों के द्वारा प्रस्तावित अस्थाई कार्यों और स्वीकृत प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा बैठक की।
बैठक में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री गोपाल डाड, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, श्री महाकालेकश्वर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री प्रथम कौशिक, सीईओ यूडीए श्री संदीप सोनी, सीईओ स्मार्ट सिटी श्री संदीप शिवा, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे । इसके अलावा इंदौर-उज्जैन संभाग के विभिन्न जिलों के कलेक्टर्स भी वीसी के माध्यम से भी बैठक में शामिल हुए ।
बैठक में उज्जैन व आसपास के जिलों में मंत्री मण्डलीय समिति से स्वीकृत एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा संभागायुक्त श्री सिंह ने बताया कि उज्जैन के आसपास के जिलों में उज्जैन आने वाले मार्गों पर यातायात प्रबंधन, सेटेलाईट पार्किंग और होल्डिंग ऐरिया की व्यवस्था की जाना है।
एसीएस डॉ. राजौरा ने आसपास के जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उनके जिले में होल्डिंग एरिया और पार्किंग की व्यवस्था के लिए भूमि की आवश्यकता और अन्य अस्थाई कार्यों के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
सिंहस्थ में बाहर से आने वाले वाहनों के प्रबंधन के लिए आसपास के जिलों में भी पार्किंग,पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों इसकी विधिवत कार्य योजना बनाई जाए। साथ ही विगत सिंहस्थ 2016 में सेटेलाईट पार्किंग स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए और उस समय उनकी उपयोगिता से भी अवगत कराया जाए।
जहां से अधिक संख्या में वाहनों का आवागमन हो रहा है वहां स्थल निरीक्षण कर कार्य योजना बनाई जाए ।
खंडवा कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई की सिंहस्थ के अंतर्गत ओंकारेश्वर में सर्किट हाऊस और नवीन आवास गृह का निर्माण प्रगतिरत है। एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि खण्डवा में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग होने के कारण यहां काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण कार्य तेज गति से पूर्ण किए जाए।
इंदौर कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई कि सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए गुलावट-थिराखेडी, हतुनिया और सहाना रोड़, एनएच 52 को होल्डिंग एरिया बनाया जाना प्रस्तावित है । एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि उज्जैन और इंदौर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त बैठक कर इस पर कार्य योजना बनाएं।
धार जिले के बदनावर पेटलावद में भी होल्डिंग ऐरिया के लिए स्थान चिन्हित किया जाए। इंदौर-उज्जैन नवीन वैकल्पिक मार्ग को शीघ्र अतिशीघ्र पूर्ण किया जाए । जहां पर भी भूर्जन की प्रक्रिया जारी है वहां तेज गति से कार्यवाय की जाए ।
आगर मालवा कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई की नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के पास उच्च स्तरीय पुल निर्माण का कार्य प्रगतिरत है । एसीएस ने निर्देश दिए कि मां बगलामुखी मंदिर भी प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां पर भी अधोसंरचना के कार्य तेज गति से करवाएं जाएं और समय सीमा में पूर्ण हो ।
बैठक में मंदसौर कलेक्टर द्वारा सिंहस्थ के अंतर्गत सर्किट हाऊस, फोर लेन मार्ग से श्री पशुपति नाथ मंदिर होकर नालछा माता बाईपास तक, सिंहस्थ के लिए दुधाखेड़ी माताजी मंदिर में भक्त निवास निर्माण, पर्यटक सुविधा केंद्र निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई।
शाजापुर कलेक्टर द्वारा उज्जैन-मक्सी मार्ग फोरलेन चौड़ीकरण कार्य, एबी रोड शहरी क्षेत्र फोरलेन निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई । खरगोन कलेक्टर द्वारा नर्मदा रिसोर्ट महेश्वर के उन्नयन और अहिल्या लोक निर्माण की प्रगति के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। देवास कलेक्टर ने जानकारी दी की सिंहस्थ के अंतर्गत शिप्रा नदी पर आठ बैराज के निर्माण का कार्य प्रगतिरत है । उनके द्वारा सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए देवास उज्जैन रोड पर यातायात व्यवस्था और होल्डिंग क्षेत्र के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि उज्जैन-शिप्रा रोड, सिंगावदा, खटाम्बा पर होल्डिंग एरिया बनाया जाना प्रस्तावित है ।
रतलाम कलेक्टर द्वारा सिंहस्थ के अंतर्गत नीमच इंदौर फोरलेन पर आने वाले प्रमुख ग्राम और उज्जैन से जोड़ने वाले मार्गों के बारे में बताया गया । इसमें जावरा होते हुए उज्जैन, मलवासा होते हुए खाचरौद, सातरूंडा रूनिजा बड़नगर और बदनावर मार्ग पर प्रस्तावित होल्डिंग ऐरिया बनाए जाने की जानकारी दी गई । एसीएस ने निर्देश दिए कि उज्जैन जावरा फोरलेन का कार्य तेज गति से पूर्ण किया जाए ।
सिंहस्थ के अंतर्गत अस्थाई कार्यों की विभागवार समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि सिंहस्थ के मद्देनजर होमगार्ड के 11 हजार 500 जवानों की तैनाती की जाना है। उनके द्वारा जवानों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण, उन्हें ठहराने व भोजन की व्यवस्था, रेस्क्यू वाहन, आपदा के समय उपयोग में आने वाले उपकरणों को क्रय करने के लिए बनाये गये बजट पर भी बैठक में चर्चा की गई ।
एमपीईबी के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई की सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए पांच 33/11 केवी के इलेक्ट्रिकल सब स्टेशन, 45 किलोमीटर की 33 केवी लाईन, 200 मीटर की 11 केवी लाइन, ट्रांसफार्मर व जनरेटर लगाये जाना है । इसके अलावा मोबाईल लाइट टावर भी बनाए जाएंगे । अस्थाई विद्युत कंट्रोल रूम बनाये जाना है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सिंहस्थ में की जाने वाली बैरेकेडिंग व्यवस्था के दौरान जानकारी दी गई की कुल 196.73 किलोमीटर के क्षेत्र में बैरेकेडिंग की जाना है । इसमें हेवी बेरीकेड, ट्राईंगल बेरीकेड, लाईट बेरीकेड और अर्थन बेरीकेड का उपयोग किया जाना प्रस्तावित है। मेला क्षेत्र के आसपास अस्थाई मार्ग निर्माण भी किया जाना है । इनमें जहां पर अधिक संख्या मे श्रद्धालु आएंगे वहां पर पेवर ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा ।
नगर निगम आयुक्त द्वारा सिंहस्थ में सेनिटेशन और स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन पर बनाई गई कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि इनमें 1.19 लाख अस्थाई शौचालय, 23.2 हजार स्नानागार और 31.9 हजार यूरीनल्स स्थापित किये जाना प्रस्तावित है। साथ ही सेनिटेशन सेट्स भी बनाया जाना प्रस्तावित है । एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ में शौचालयों की नियमित रूप से सफाई करवाई जाए इसके लिए अलग से कार्य योजना बनाई जाए । सिंहस्थ में काफी संख्या में लोगों द्वारा इनका उपयोग किया जाएगा । इसलिए यहां पर्याप्त स्वच्छता होनी चाहिए ।
स्नान घाटों के आसपास बनाये जाने वाले चेंजिंग रूम की मूलभूत अधोसंरचना पर कार्य योजना बनाई जाए ।
सिंहस्थ के दौरान अस्थाई लाइटिंग के बारे में जानकारी दी गई कि इनमें 12 हजार 200 एलईडी लाईट, 9 हजार फल्ड लाइट्स और 48 हजार 100 सीरिज लाइट लगाई जाएंगी । डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि अस्थाई लाइट्स एक निश्चित दूरी पर लगाई जाए । घाटों पर पर्याप्त रोशनी रहे इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
सिंहस्थ 2028 के दौरान 25.04 करोड़ रूपए की लागत से संकेतक चिन्ह लगाये जाना प्रस्तावित हैं। साथ ही शहर के प्रमुख चौराहा का सौदंर्यीकरण कार्य भी किया जाएगा । एसीएस ने निर्देश दिए कि वॉल पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य में उज्जैन शहर की सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए चित्रांकन किया जाए ।
बैठक में सिंहस्थ के दौरान प्रस्तावित टेंट सिटी पर भी विचार विमर्श किया गया । इसके अलावा स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई । इसमें सीवरेज लाईन योजना और मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों की समीक्षा की गई । एसीएस डॉ. राजौरा ने निर्देश दिए कि जहां चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है, वहां रिस्टोरेशन का कार्य भी तेज गति से किया जाए। जो प्रमुख निर्माण कार्य हैं, उनमें बिल्कुल भी देरी न हो, समय सीमा में सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। समस्त विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ।