उज्जैन, उज्जैन जिले में आमजन के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री आलोक कुमार शर्मा एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) महिदपुर श्री जेडेन लिंगजर्पा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी महिदपुर निरीक्षक श्री नरेंद्र सिंह परिहार एवं पुलिस टीम द्वारा नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया गया।
🔍 *घटना का विवरण*–
फरियादीगणों द्वारा थाना महिदपुर पर शिकायत प्रस्तुत कर बताया गया कि आरोपी एवं उसके सहयोगियों द्वारा नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया।
आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों से अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपये की मांग कर कुल लगभग ₹25 लाख रुपये प्राप्त किए गए। नौकरी लगने का झूठा आश्वासन देकर फरियादियों को लगातार गुमराह किया गया। वहीं, राशि वापस मांगने पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
⚖️ *पुलिस कार्यवाही*–
प्राप्त शिकायत, साक्ष्य एवं जांच के आधार पर थाना महिदपुर में आरोपीगणों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर धारा 420, 467, 468, 471, 506, 120(बी) भारतीय न्याय संहिता/भादवि के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य, आर्थिक लेन-देन एवं अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान प्रकरण में संलिप्त *मुख्य आरोपी बालूसिंह पिता भेरूसिंह निवासी झारखेड़ी को गोधरा (गुजरात) से हिरासत में लिया गया*। प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है, जिनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
👤 *आरोपीगण का विवरण* :–
1.बालूसिंह पिता भेरूलाल बैरागी, निवासी ग्राम झारखेड़ी, तहसील महिदपुर, जिला उज्जैन (म.प्र.) (*गिरफ्तार* )
2.जितेन्द्र बैरागी पिता सत्यनारायण बैरागी, निवासी 37, अम्बेडकर कॉलोनी, उज्जैन, जिला उज्जैन (म.प्र.)। (*फरार*)
3.लखनसिंह पिता सौदानसिंह, निवासी 98, देवास नाका, क्लॉथवाला, विजय नगर, इंदौर, जिला इंदौर (म.प्र.)। (*फरार*)
🔹 *आपराधिक रिकॉर्ड*-
आरोपी के विरुद्ध पूर्व में 06 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र एवं अन्य अपराधों से संबंधित मामले शामिल हैं। आरोपी थाना महिदपुर सहित थाना आलोट जिला रतलाम का भी आपराधिक रिकॉर्डधारी है।
🏆 *सराहनीय भूमिका* –
निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, उपनिरीक्षक प्रतीक यादव, उपनिरीक्षक अन्नपूर्णा, सहायक उपनिरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक जितेंद्र सिंह, आरक्षक राघव सिंह, आरक्षक मोहर सिंह एवं आरक्षक डॉ. नारायण की सराहनीय भूमिका रही।