दामाद ने अपने भाई एवं साथी के साथ मिलकर हत्या की घटना को दिया अंजाम

उज्जैन, उज्जैन जिले में गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री करणदीप सिंह (भा.पु.से.) एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस महिदपुर श्री जेडेन लिंगजर्पा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी राघवी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह बन्देवार के नेतृत्व में थाना राघवी पुलिस टीम द्वारा दोहरे हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

▪️ *घटना का संक्षिप्त विवरण*-
दिनांक 18.06.2026 को थाना राघवी क्षेत्रांतर्गत ग्राम महुडीपुरा रोड स्थित खेतों की मेड़ पर एक पुरुष एवं एक महिला के शव पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर थाना राघवी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।

मृतकों की पहचान कालूराम वर्मा पिता पर्वतलाल वर्मा, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम बैलाखेड़ा एवं मंजुबाई शर्मा पति सत्यनारायण शर्मा, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम बैलाखेड़ा के रूप में हुई।

घटनास्थल से प्राप्त भौतिक साक्ष्य, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, वैज्ञानिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य अनुसंधान के आधार पर हत्या का मामला पाए जाने पर थाना राघवी में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

▪️ *पुलिस कार्यवाही*-
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों से पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया—
1.अनिल पिता आनंदीलाल, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम बरखेड़ा बुजुर्ग, जिला उज्जैन।
2.कालूराम पिता आनंदीलाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम बरखेड़ा बुजुर्ग जिला उज्जैन।
3.रफीक पिता मुबारक, उम्र 46 वर्ष, निवासी नवदुर्गा कॉलोनी के पीछे, जिला उज्जैन (फरार)

▪️*हत्या का कारण*-
पूछताछ में ज्ञात हुआ कि मृतिका मंजूबाई का अवैध संबंध कालूराम वर्मा पिता पर्वतलाल के था व आरोपी अनिल का विवाह मृतिका मंजुबाई की पुत्री के साथ हुआ था। विवाह के उपरांत उसकी पत्नी बार-बार मायके चली जाती थी तथा आरोपी द्वारा समझाइश देने के बावजूद मृतिका एवं उसके परिवारजन उसे ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के मध्य लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।

उक्त रंजिश एवं आक्रोश के चलते आरोपी अनिल ने अपने भाई कालूराम एवं साथी रफीक के साथ मिलकर षड्यंत्रपूर्वक मृतिका मंजुबाई तथा कालूराम वर्मा की हत्या करना स्वीकार किया। घटना में शामिल 02 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया, एक फरार आरोपी रफीक को शीघ्र गिरफ्तार किया जाकर माननीय न्यायलय के समक्ष पेश किया जावेगा।

▪️ *सराहनीय भूमिका*-
थाना प्रभारी राघवी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह बन्देवार साइबर सेल प्रभारी प्रतीक यादव सहायक उप निरीक्षक सेवाराम डोडियार, प्रधान आरक्षक प्रेम सबरवाल, प्रधान आरक्षक रविंद्र मंडलोई, प्रधान आरक्षक राजेंद्र चौहान , आर रविंद्र सेंगर,आर अरविंद यादव, आर मुकेश,आर अखिलेश, मआर शीतल ठाकुर, सै. महेंद्र सिंह नरेंद्र सिंह ,धर्मेंद्र सिंह एवं अन्य टीम की मुख्य भूमिका रही।