उज्जैन, माधव महाविद्यालय में नव प्रवेशित विद्यार्थियों का बहुत स्वागत करते हैं। यह कोई साधारण संस्था नहीं है। यह महाविद्यालय एक अनुपम शिक्षण संस्थान है। मध्य प्रदेश के सबसे पुराने तीन महाविद्यालयों में से यह एक है। इसका इतिहास रोमांचकारी है। इस इतिहास पर कई पुस्तकें लिखी जा सकती हैं। यहां बड़े गुणी और प्रख्यात प्राध्यापक कार्यरत रहे हैं। आज़ादी की लड़ाई में भी माधव महाविद्यालय का बड़ा योगदान रहा है। इसी महाविद्यालय से माधव विज्ञान महाविद्यालय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय भी बना है। ऐसे महाविद्यालय में आप ने प्रवेश लिया है। इस पर आपको गर्व होना चाहिए। मुझे यह भी बताना है कि ज़िंदगी बहुत मुश्किल से से भरी हुई है। हमारी जीवन के प्रति अत्यधिक लापरवाही हमें संकट में डाल सकती है। जीवन में हर पल बहुत संघर्ष होता है। आग में तप कर सोना कुन्दन बनता है। हमने ऐसा होते हुए देखा है। आप जीवन के चैलेंज को स्वीकार करें । ये उद्गार व्यक्त किए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय
माधव महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. कल्पना वीरेंद्र सिंह ने। मध्य प्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार आयोजित कार्यक्रम में प्रो.कल्पना वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह परिसर भगवान कृष्ण और सुदामा की शिक्षा स्थली के पास है। हम विरासत का भी संरक्षण कर रहे हैं और अकादमिक श्रेष्ठता के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। परम्परागत पाठ्यक्रम तो यहां हैं ही, कुछ नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी आरम्भ किए गए हैं। कम से कम शुल्क में उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जा रही है। डॉ. अल्पना उपाध्याय ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को प्रदान किया जा रहा है। आप शासकीय माधव महाविद्यालय में नियमित रूप से आते रहें। आप को नियमित रूप से आने का लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रो. चंद्रकांता तेजवानी ने प्रवेश प्रक्रिया, उपल्ब्ध पाठयक्रम और क्रेडिट के बारे में जानकारी प्रदान की। प्रो धर्मेंद्र तिवारी ने अपार.आई.डी. के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. ममता पंवार ने कहा कि आप सभी छात्रों को माधव महाविद्यालय पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों और ओपेक का लाभ उठाना चाहिए। डॉ. संजीव शर्मा ने स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के बारे में जानकारी प्रदान की तथा प्रशिक्षण और रोजगार पर प्रकाश डाला । डॉ. मोहन निमोले ने डिजिटल एवं सोशल मीडिया व्यवहार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उचित और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार एक सुरक्षित वातावरण का निर्माण करता है। डॉ. राजश्री शर्मा ने शिक्षक अभिभावक योजना की व्याख्या की । एन.सी.सी. अधिकारी मेजर डॉ. मोहन निमोले ने एन.सी.सी. और डॉ. नीरज सारवान ने एन.एस.एस. के बारे में जानकारी प्रदान की। क्रीड़ा अधिकारी श्री नवीन कोरट ने माधव महाविद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं पर चर्चा की। माधव महाविद्यालय में “साथी” सेल की प्रभारी डॉ. राजश्री शेठ ने मानसिक स्वास्थ्य पर बात की। डॉ. अंशु भारद्वाज ने समय प्रबंधन कैसे किया जाता है, यह बताया। युवा उत्सव के सम्बन्ध में डॉ. हुक्का कटारा ने विचार व्यक्त किए। प्राचार्य प्रो. कल्पना वीरेन्द्र सिंह का स्वागत किया गया प्रशासनिक अधिकारी डॉ. बी. एस. अखंड द्वारा । माधव महाविद्यालय में साथी सेल की ब्रांड एंबेसडर सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित मनस्विता तिवारी ने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी भी हार नहीं होती । कार्यक्रम में मनस्विता तिवारी को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. रीना अर्धव्यू द्वारा किया गया। सरस्वती वन्दना नलिनी तिलकर ने की । इस अवसर पर नव प्रवेशित विद्यार्थियों का गुलाब के फूल दे कर स्वागत किया गया। सभी प्राध्यापक विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे!