बिना नमी वाले खेतों में किसी भी प्रकार का खरपतवारनाशी न छिड़कें

उज्जैन, उप संचालक कृषि श्री यू एस तोमर ने बताया कि जिले में सोयाबीन मुख्य फसल है, जिसका कुल रकबा लगभग 5 लाख हेक्टेयर है। जिले में सोयाबीन की बुवाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। फसल की मांग के अनुरूप प्रकृति ने भी अनुकूल साथ दिया है तथा सोयाबीन के लिए उपयुक्त वर्षा हुई है।

पिछले तीन दिनों से मौसम खुला रहने के कारण किसान भाई तुरंत खरपतवार नियंत्रण का कार्य बड़ी तेजी से कर रहे हैं।

वर्तमान में जिले की सोयाबीन फसलें लगभग 10 से 15 दिनों की हो चुकी हैं, जो खरपतवार नियंत्रण के लिए उचित समय है। किसान भाई सुविधा अनुसार खेतों में खरपतवार नियंत्रण हेतु ट्रैक्टर से या बैलों से कुल्पा/डोर चला रहे हैं। जहां खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध है, वहां खरपतवारनाशी का उपयोग भी किया जा रहा है।

किसानों से विशेष अनुरोध है कि खरपतवारनाशी का प्रयोग करते समय खेतों में पर्याप्त नमी अवश्य होनी चाहिए। बिना नमी वाले खेतों में किसी भी प्रकार का खरपतवारनाशी न छिड़कें। नमी की कमी होने पर कुल्पा या डोर चलाकर ही खरपतवार नियंत्रण करें।

किसान भाई किसी भी कृषि संबंधी सलाह या सहायता के लिए नजदीकी कृषि अधिकारी अथवा कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।