उज्जैन,माननीय केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तुत बजट में भारतीय रेलवे के लिए किए गए प्रावधानों पर वीडियों कान्फ्रेंसिंग से चर्चा करते हुए बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में रेलवे के विकास के लिए अधिकाधिक बल दिया गया है जिससे रेलवे पर उच्च-गति कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। केन्द्रीय बजट 2026–27 में भारतीय रेल के लिए 2,93,030 करोड़ रूपए के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की योजना बनाई गई है। यह भारतीय रेलवे के लिए अब तक का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और आवंटन है। रेलवे में संरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए इस बजट में 120 हजार करोड़ रूपए का आंवटन किया गया है।
माननीय रेलमंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश राज्य में रेलवे के निरंतर विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष भी मध्य प्रदेश राज्य में रेलवे के विस्तार, सेफ्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 के बजट में 15,188 करोड़ रूपए आवंटन किया गया है। श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मध्य प्रदेश में रेल कार्य बहुत तेजी से हो रहे हैं। राज्य में 1,18,379 करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत न्यू ट्रैक्स प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है। मध्य प्रदेश में 100 प्रतिशत रेल लाइनों को विद्युतीकरण हो गया है। अमृत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों को रूपये 3,163 करोड़ की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में रेलवे ट्रैक पर 1283 फ्लाईओवर और रोड अण्डर ब्रिज का निर्माण किया गया है। माननीय रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मध्य प्रदेश में रेल परियोजनाओं को पर्याप्त बजट के माध्यम से लक्षित समय में पूरा करने की बात पर जोर दिया।
संरक्षा के बारे में बताते हुए माननीय रेलमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे पर अत्यानुधिक कवच प्रणाली को विभिन्न रेलमार्गों पर स्थापित किये जाने सम्बन्धी कार्य तीव्र गति से किये जा रहे हैं, जिसमें मध्य प्रदेश में 4591 रूट किलोमीटर रेलमार्ग पर कवच प्रणाली कार्य योजना तैयार कर ली गई है। उन्होने बताया कि कवच प्रणाली को स्थापित करने में आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने, टावर लगाने, डेटा सेन्टर स्थापित करने और आरएफआईडी डिवाइस लगाने जैसे कार्य किए जाते है।
यात्री सुविधाओं के विषय में माननीय रेलमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में विभिन्न जिलों को कवर करते हुए 5 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें एवं 4 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। मध्य प्रदेश के लिए यह रेल बजट राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ यात्री सुविधाओं में भी वृद्धि होगी।
माननीय रेलमंत्री जी ने बताया कि माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स दक्षता की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए, केन्द्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नए समर्पित मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव किया गया है, जो ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। 2,052 किमी लंबा यह कॉरिडोर मौजूदा पश्चिमी समर्पित मालवाहक कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक माल की बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सकेगी। केन्द्रीय मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि यह पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में व्यापार प्रवाह को सुदृढ़ करेगा, मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम करेगा और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाएगा, जिससे औद्योगिक विकास और आपूर्ति शृंखलाओं को काफी लाभ मिलेगा।
माननीय रेल मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह भी कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ मेला को दृष्टिगत रखते हुए रेलवे द्वारा तैयारियाँ जोर-शोर से की जा रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेला अवधि के दौरान यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी तथा रेल संचालन एवं यात्री सुविधाओं के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं। केन्द्रीय बजट 2026–27 में घोषित पहलों के साथ, भारतीय रेलवे ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप तेज कनेक्टिविटी, कुशल लॉजिस्टिक्स और सुदृढ़ अवसंरचना प्रदान करते हुए राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
इसके साथ ही माननीय रेलमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय बजट 2026–27 में गुजरात राज्य को 17,366 करोड़ रुपये तथा राजस्थान राज्य को 10,288 करोड़ रुपये का रेल बजट आवंटन किया गया है। चूँकि पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल गुजरात एवं राजस्थान दोनों राज्यों को सीधे जोड़ता है, अतः इन दोनों राज्यों में रेल अवसंरचना, सेफ्टी एवं यात्री सुविधाओं पर होने वाले विकास कार्यों का प्रत्यक्ष लाभ रतलाम मंडल को भी मिलेगा। इससे रतलाम मंडल में रेल परियोजनाओं, परिचालन क्षमता तथा यात्री सुविधाओं के विकास को नई गति प्राप्त होगी।
केन्द्रीय बजट 2026–27 में घोषित पहलों के साथ, भारतीय रेलवे ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप तेज कनेक्टिविटी, कुशल लॉजिस्टिक्स और सुदृढ़ अवसंरचना प्रदान करते हुए राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।