उज्जैन, जिले में 20 अप्रैल 2026 को होने वाले अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 13(4) एवं 13(5) के तहत उड़नदस्ते का गठन किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार, बाल विवाह रोकथाम के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है:
– अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व),
– मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत समस्त,
– जोनल अधिकारी, नगर निगम/नगर पालिका, नगरीय निकाय
– परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास परियोजना समस्त
– थाना प्रभारी, समस्त पुलिस थाने,
उपरोक्त अधिकारीयों द्वारा 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं तथा 21 वर्ष से कम उम्र के बालकों** की सूची आंगनवाड़ी स्तर पर तैयार की जाएगी। जिला एवं खंड स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रिंटिंग प्रेस, हॉल, कैटरर्स, फोटोग्राफर, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ा, ट्रांसपोर्ट आदि सेवा प्रदाताओं को चेतावनी दी जाएगी कि वे बाल विवाह में किसी भी प्रकार की सेवा न दें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अंतर्गत आमजन से हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 तथा स्थानीय पुलिस पर तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत स्कूलों, आंगनवाड़ियों एवं ग्राम पंचायतों में बाल विवाह के खिलाफ रैलियां एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी।
सूचना देने के लिएजिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1098 पर तुरंत सूचना दें।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे बाल विवाह की किसी भी सूचना पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं।