उज्जैन, करोड़ों रूपये की लागत से निर्माण किए गए राष्ट्रीय स्तर के कोठी रोड़ कालिदास अकादमी के सामने स्थित तरणताल स्विमिंग पुल को नगर निगम ने सात दिनों तक निःशुल्क संचालित करने के बाद शुल्क निर्धारण होने तक बन्द करने का निर्णय लिया था , लेकिन आज दिनांक तक शुल्क निर्धारण का निर्णय नहीं होने के कारण स्विमिंग पुल बन्द ही है, जिसके कारण शहर की जनता को सालों का इंतज़ार करने के बाद मिली सौगात से वंचित होना पड़ रहा है! भीषण गर्मी में तैरने से मिलने वाली राहत मिल का पत्थर साबित हो रही है! उन सात दिनों कि यादो को याद कर जनता बेसब्री से स्विमिंग पुल शुरु होने का इंतज़ार कर रही है! बार- बार यहां आने पर उन्हें सिर्फ़ तारीख़ पर तारीख़ मिल रही है! लेकिन संचालन कब शुरू होगा यह नहीं बता पा रहे है केवल जल्द हो सकता है यहीं आश्वाशन मिल रहा है!
जब जवाबदार अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा की गईं तो उनका कहना है इस समस्या से निगम आयुक्त महोदय को अवगत करा दिया गया है, कुछ दिनों में निराकरण हो जायेगा लेकिन निश्चित समय नहीं बता सकते है! आख़िर क्या कारण है जिसकी वजह से शुल्क निर्धारण में इतना समय लग रहा है कही निगम इसे स्वयं संचालित करने की बजाय निजी संस्थान को सौंपने की योजना तो नहीं बना रहा, अगर ऐसा हुआ तो शुल्क में वृद्धि होना तय है जिसके कारण तैराकी प्रेमियों को अधिक दाम चुकाकर तैरने पर मजबुर होना पड़ेगा! निगम को चाहिए की पुल का संचालन वह स्वयं करे जिससे आम जनता पर ज्यादा आर्थिक बोझ नहीं पड़े ! अगर स्विमिंग पूल इसी तरह बंद रहा तो
आने वाले दिनों में होने वाली राष्ट्रीय स्पर्धाओं की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि उज्जैन शहर के होनहार तैराकी खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा जिस कारण शहर की प्रतिभाओं को राष्ट्रिय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है , तथा जिस उद्देश्य के लिए पुल का निर्माण किया गया है वह भी पूर्ण नहीं होगा, अतःसमय रहते यथाशीघ्र स्विमिंग पुल का सशुल्क संचालन प्रारंभ किया जाए!
