उज्जैन,संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने एमपीआरडीसी (मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम) के अधिकारियों के साथ चंद्रावतीगंज पहुंचकर इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने ग्रीन फील्ड कॉरिडोर निर्माण प्रगति की जानकारी ली। संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देश दिए कि साप्ताहिक लक्ष्य के साथ कार्य तेज गति से किया जाए। निर्माण कार्य के दौरान उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्त्ता का ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व को ध्यान में रखकर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए इंदौर-उज्जैन के बीच नया फोर लेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। फोर लेन सड़क निर्माण कार्य की प्रगति देखने के लिए सोमवार को संभागायुक्त श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने चंद्रावतीगंज में ग्रीन फील्ड कॉरिडोर निर्माण की जानकारी लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारियों निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस महत्वकांक्षी योजना को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखें जिससे 2028 में आयोजित होने वाले विश्वस्तरीय सिंहस्थ महापर्व से पहले इस 48.10 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण समय पर पूरा किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि नया फोरलेन हाईवे इंदौर से उज्जैन की दूरी को घटाकर 48 किमी कर देगा, जिससे यात्रा का समय घटकर मात्र 30-35 मिनट रह जाएगा। किसानों की मांगों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे ‘एलिवेटेड’ के बजाय ‘जमीनी स्तर’ पर बनाने का निर्णय लिया है। अब यह नॉन-एक्सेस कंट्रोल सड़क होगी, जिस पर कहीं से भी एंट्री-एग्जिट हो सकेगी। परियोजना के लिए 175 हेक्टेयर से अधिक निजी जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जिसमें इंदौर और उज्जैन के करीब 28 गांवों की जमीन शामिल है। ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण से इंदौर-उज्जैन के बीच यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इससे उज्जैन की यात्रा आसानी से और कम समय में पूरी हो सकेगी। एयरपोर्ट आकर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।