महर्षि सांदीपनि आश्रम का अतीत अद्वितीय: मुख्यमंत्री डॉ यादव

उज्जैन, गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम अत्यंत गौरवशाली और अद्वितीय अतीत समेटे हुए है। लगभग 5100 वर्ष पूर्व स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अपने परम सखा सुदामा के साथ इसी पावन स्थल पर महर्षि सांदीपनि से विद्या ग्रहण की थी और यहीं से शिक्षा प्राप्त कर वे जगद्गुरु की उपाधि से विभूषित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन के प्रमुख देवस्थानों के विकास कार्यों का शुभारंभ हो रहा है, जिसमें शहर को गीता भवन की बड़ी सौगात भी मिल रही है। उन्‍होंने कहा कि आज गुरुपुर्णिमा के पावन अवसर पर हम सभी गुरुओं का सम्‍मान कर अपने जीवन को धन्‍य करें।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित ऐतिहासिक महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर पूजन-अर्चन और आरती की। यह पूजा-अर्चना पंडित कीर्ति रूपम व्यास एवं श्री राहुल व्यास के द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी स्वरचित पुस्तक ‘महर्षि सांदीपनि: भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी’ की प्रति महर्षि सांदीपनि जी की प्रतिमा के समक्ष अर्पित की।
पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम परिसर में स्थित अति प्राचीन श्री कुंडेश्वर महादेव और श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। आश्रम के मुख्य पुजारी परिवार द्वारा मुख्यमंत्री का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत-सम्‍मान किया गया।
*आश्रम में हुआ पंचामृत अभिषेक और स्लेट पूजन*
महर्षि सांदीपनि व्यास के वंशज एवं मंदिर के मुख्‍य पुजारी पं. कीर्ति रुपम व्‍यास ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में प्रतिवर्षानुसार विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। प्रात:काल भगवान श्री कृष्ण, भगवान श्री बलराम और गुरु सांदीपनि का पंचामृत अभिषेक एवं विशेष पूजन किया गया। परंपरा अनुसार, प्रथम बार शिक्षा प्रारंभ करने वाले छोटे बच्चों द्वारा ‘स्लेट पूजन’ का आयोजन भी हुआ।
इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री संजय अग्रवाल , महापौर श्री मुकेश टटवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी और पुजारी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।