उज्जैन, मंगलवार को कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह द्वारा कलेक्टर कार्यालय स्थित प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में विभिन्न मामलों में जनसुनवाई की गई।
गायत्री नगर तराना रोड़ निवासी सावित्री परिहार ने आवेदन दिया कि उन्हें काफी वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त हो रही है लेकिन कुछ माह से पेंशन आना बंद हो गई है। प्रार्थी आर्थिक रुप से अत्यंत कमजोर है अत: उसे पेंशन राशि दिलवाई जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने इस पर संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण को जांच कर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। संयुक्त संचालक द्वारा जब जांच की गई तो पता चला कि प्रार्थियां का ई-केवाईसी अपडेट नहीं किया गया था। इस वजह से खाते में पेंशन आना बंद हो गई थी। मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रार्थियां का केवाईसी अपडेट करवाया गया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि अगले माह से उनकी पेंशन पुन: प्रारंभ हो जाएगी।
बड़नगर के ग्राम सरसाना निवासी राजेन्द्र कुमार मेहता ने आवेदन दिया कि सरसाना में शासकीय भूमि और तालाब की भूमि पर मिट्टी का भराव कर अवैध रुप से मकान का निर्माण किया जा रहा है। मना करने पर अनावेदक द्वारा लोगों के साथ वाद-विवाद और झगडा किया जा रहा है। इस पर एसडीएम बड़नगर को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
आजाद नगर उज्जैन निवासी प्रिंस अरोड़ा ने आवेदन देकर शिकायत की कि उनके द्वारा एक बैंक से क्रेडिट कार्ड लिया गया था। जिसका समय-समय पर भुगतान उनके द्वारा किया जाता रहा है। लेकिन इसके बाद भी बैंक द्वारा उन पर लेट फीस और पेनल्टी का चार्ज लगाया जा रहा है। इस वजह से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशानी हो रही है। इस पर एलडीएम को मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
नागदा के ग्राम पाडलिया कलां निवासी रतनलाल ने आवेदन दिया कि उनके गांव में खेतों में जाने के लिए परंपरागत रास्ते को एक व्यक्ति के द्वारा गड्ढे खोदकर अवरुद्ध कर दिया गया है। वर्तमान में उनके साथ-साथ अन्य कृषकों को गेहूं की फसल के लिए वाहन ले जाने और हार्वेस्टर और अन्य ट्रेक्टर-ट्राली ले जाने में बहुत परेशानी हो रही है। मना करने पर अनावेदक द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इस पर तहसीलदार नागदा को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट, एडीएम श्री अत्येन्द्र सिंह गुर्जर एवं अन्य अधिकारियों द्वारा अन्य मामलों में जनसुनवाई की गई।