उज्जैन, सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अधोसंरचना विकास कार्य तेजी से किए जा रहे है। गुरुवार को जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ मिनी बस में सवार होकर सिंहस्थ के अंतर्गत निर्माणाधीन विकास कार्यों का अवलोकन किया। जनप्रतिनिधियों ने सिंहस्थ के लिए सबसे महत्वपूर्ण कान्ह डायवर्शन परियोजना, नवीन घाटों का निर्माण, ब्रिज निर्माण कार्य, नवीन सड़क निर्माण कार्य और निर्माणाधीन मेडिसिटी, मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने सिंहस्थ के प्रचलित निर्माण कार्यों को लेकर संतुष्टि जताते हुए कहा कि इस बार सिंहस्थ का ऐतिहासिक आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनप्रतिनिधियों ने गुरूवार सुबह में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी संत श्री उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी के साथ संभागायुक्त व सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने एक मिनी बस में सवार होकर सिंहस्थ के तहत निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया।
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने जन प्रतिनिधियों को बताया कि 6 ब्रिज दिसंबर 2026 के पहले पूर्ण हो जाएंगे और नईखेडी सड़क का काम भी दिसंबर 2026 में पूर्ण कर लेगें। इसी प्रकार अन्य कार्य भी समय से पहले ही पूर्ण होने की संभावना है।
मटेरियल की क्वालिटी चेक प्रयोगशाला का निरीक्षण
जन प्रतिनिधियों को कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने मटेरियल परीक्षण लेब का निरीक्षण भी कराया और बताया कि सीमेन्ट, गिट्टी, सरिया के साथ निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री का निरंतर परीक्षण हो रहा है और टेस्टिंग रिपोर्ट भी रजिस्टर में संधारित हो रही है।
ब्रिज निर्माण में पाइपों की तकनीक का हो रहा उपयोग
सांसद विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भ्रमण के दौरान भूखी माता ब्रिज का निरीक्षण करते हुए ब्रिज बनाने की तकनीक भी समझी। ब्रिज के प्लेटफॉर्म में लोहे के चादर से बने पाइपों का उपयोग हो रहा है। जिसके चारों ओर कंक्रीट और लोहे का जाल बिछाया जाता है। जिससें वजन को कम किया जा सकें।
संभागायुक्त और कलेक्टर ने भी इस तकनीक की जानकारी ली और कहा कि यदि ऐसी नई तकनीक का उपयोग किया जाए तो उसके संबंध में जरूर बताया जाए।
24.5 मीटर गहरी टनल में उतरकर देखा खान डायवर्शन का कार्य
जनप्रतिनिधियों ने सिंहस्थ में मोक्षदायिनी शिप्रा नदी को प्रदूषित पानी से मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना कान्ह डायवर्शन परियोजना के कार्य का निरीक्षण किया। यहां पर सभी जनप्रतिनिधियों ने जमीन से 24.5 मीटर की गहराई में उतर कर निर्माणाधीन टनल के कार्य को देख संतुष्टि जताई। इंजीनियरों द्वारा अवगत कराया कि कान्ह डायवर्शन परियोजना की कुल लम्बाई 30.15 कि.मी. है, जिसमे 18.15 कि.मी. लम्बाई में कट- कवर द्वारा क्लोज डक्ट का निर्माण कार्य प्रचलित है तथा 12 कि.मी. लम्बाई में टनल का निर्माण किया जा रहा है। टनल भाग के निर्माण में 4 शाफ्ट भी बनाई जाएगी। जिससे कि टनल में पहुंचना सुगम होगा तथा टनल की साफ सफाई के लिए भी पहुंच मार्ग उपलब्ध होगा। कान्ह डायवर्शन परियोजना का कार्य सितंबर 2027 तक पूर्ण हो जाएगा।
29 किलोमीटर क्षेत्र में नवीन घाटों पर भी करोड़ों श्रद्धालु कर सकेंगे स्नान
जनप्रतिनिधियों द्वारा त्रिवेणी श्री शनि मंदिर के पास निर्माणाधीन नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों की जानकारी अधिकारियों से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुझाव भी दिए। घाट निर्माण का अवलोकन कर जनप्रतिनिधियों ने सिंहस्थ महापर्व में करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन होगा। शिप्रा नदी पर इतने बड़े स्तर पर घाट निर्माण कार्य से श्रद्धालुओं को मोक्षदायिनी शिप्रा में स्नान का लाभ मिलेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहज और सुविधा के साथ स्नान कर सकेगें। सभी ने घाटों के निर्माण और गुणवत्ता को लेकर भी संतुष्टि जताई। शिप्रा नदी पर 29 कि.मी. नए औश्र 7 कि.मी. पूर्व में निर्मित घाटों पर श्रद्धालु स्नान करेंगे।
नए ब्रिज निर्माण होने से सिंहस्थ के दौरान आवागमन में सुविधा मिलेगी
जनप्रतिनिधियों द्वारा भूखीमाता मंदिर के पास शिप्रा नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज निर्माण कार्य का अवलोकन किया गया। मौके पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि 175 मीटर लंबे ब्रिज का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। ब्रिज का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण इस ब्रिज के निर्माण होने के बाद सिंहस्थ क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण और आवागमन की सुविधा हो जाएगी। ब्रिज निर्माण के लिए उपयोग होने वाली सामग्री की क्वालिटी लैब का निरीक्षण कर सभी जनप्रतिनिधियों ने क्वालिटी जांचने की जानकारी लेकर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर निश्चित ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखा जा रहा है। स्थाई कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगें। संत-महंतों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
मेडिसिटी के कार्य भी तेज गति से किए जा रहे
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहर में मेडिसिटी, मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। शहर के लिए महत्वपूर्ण मेडिसिटी योजना के माध्यम से शहर को लाभ मिलेगा। सभी जनप्रतिनिधियों को मेडिसिटी निर्माण संबंधी जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मेडिसिटी का कार्य तेज गति से समय के पहले गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण होगा।
अवलोकन के बाद जनप्रतिनिधियों के निर्माण कार्यों को लेकर विचार…
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्ह डायवर्शन का कार्य कर दिखाया
अदभुत,अकल्पनीय और ठोस काम को प्रदर्शित कर रही कान्ह डायवर्सन परियोजना – सांसद श्री फिरोजिया
सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि कान्ह डायवर्शन का कार्य देखकर आश्चर्य हो रहा है कि हमने नेशनल हाईवे पर टनल निर्माण देखा था, लेकिन मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में कान्ह डायवर्शन का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करके दिखाया है। शिप्रा नदी को परियोजना के माध्यम से शुद्ध करने का काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जा रहा है वह अद्भूत और प्रशंसनीय है। जमीन के 100 फीट नीचे से एक नदी प्रवाहित होगी। अभी तक पहाड़ी जगहों पर ऐसी टनल देखी थी, अब हमारे उज्जैन में भी इसी तकनीक से भव्य टनल बन रही है।
सिंहस्थ महापर्व पर शिप्रा जल से होगा स्नान- सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज
राज्यसभा सांसद संत उमेशनाथ महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का सपना है। उसके अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपना साकार किया है। शिप्रा नदी को शुद्ध करने के कई बार प्रयास किए गए, लेकिन आज तक वे प्रयास सफल नही हो सके, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से जमीन से 100 फीट नीचे 12 किलोमीटर की टनल परियोजना सफलता के साथ पूर्णता की ओर है। भगवान महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि उनका सफल प्रयास पूर्ण हुआ और उज्जैनवासियों की शिप्रा शुद्धिकरण की मांग पूर्ण होगी और पूरे देश के संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं को मन से भाएगा। सभी मन से आशीर्वाद देंगे। यह कुंभ शिप्रा के जल से स्नान कर आनंद से पूर्ण होगा।
सिंहस्थ के कार्य उच्च मापदंड के साथ किए जा रहे है
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देखकर आत्म संतुष्टि हुई- विधायक श्री कालूहेडा
विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ के लिए विकास कार्यों को करा रहे है। हमने कान्ह डायवर्शन, घाट निर्माण, रोड़ निर्माण और मेडिसिटी के कार्यों को देखा। हमने निरीक्षण के दौरान एक स्थान पर निर्माण सामग्री की क्वालिटी की जांच भी कराई। जो क्वालिटी जांच 28 दिन में पूर्ण होना था वो कार्य 12 दिन में पूर्ण हुआ है। उच्च मापदंडों और गुणवत्ता के आधार पर निर्माण कार्य कराए जा रहे है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान
उज्जैन में उत्सवों का माहौल, मुख्यमंत्री जी अदभूत काम करा रहे है- महापौर श्री टटवाल
महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि 2028 का सिंहस्थ महाकुंभ उज्जैन में आयोजित होने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नही हो इसको लेकर कार्य किए जा रहे है। सबसे महत्वपूर्ण कार्य कान्ह का पानी शिप्रा नदी में नही मिले उसको लेकर जो परियोजना का कार्य चल रहा है। जिससे शिप्रा का जल पूर्ण रूप से शुद्ध हो जाएगा। साथ ही घाटों पर इसका लाभ श्रद्धालुओं को मिले। इसके लिए घाटों पर आने-जाने का मार्ग और सुविधा के सभी काम 50 प्रतिशत से अधिक हो चुके है। जनप्रतिनिधियों ने कार्यों का अवलोकन कर सुझाव भी दिए है।
शिप्रा नदी साफ-स्वच्छ और प्रवाहमान होगी
मां शिप्रा में स्नान से हम सब धन्य होगें- नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती यादव
नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव ने कहा कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ सिंहस्थ कार्यों का अवलोकन किया है। कान्ह डायवर्शन का कार्य अद्भूत है। पूरी नदी को जमीन के 100 फीट नीचे से परिवर्तित किया है। यह कार्य सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के माध्यम से शिप्रा का जल शुद्ध रहेगा। साथ ही नवीन घाट निर्माण का कार्य भी देखा है। सभी घाटों के बनने से नदी की सुंदरता दिखाई देगी। 29 किलोमीटर के घाट निर्माण से करोड़ों श्रद्धालुओं को एक साथ स्नान कराया जा सकेगा। आने वाले दिव्य और भव्य सिंहस्थ की तैयारी के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि सभी जुटे हुए है। सिंहस्थ के लिए उज्जैन सज संवर कर तैयार हो रहा है।
कान्ह डायवर्शन परियोजना शिप्रा शुद्धिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में वो सब कर दिया जो उन्होंने सोचा था- प्राधिकरण अध्यक्ष श्री सौलंकी
उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यों का अवलोकन किया है। सबसे पहले कान्ह डायवर्शन परियोजना को देखा। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी का सपना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परियोजना के माध्यम से पूर्ण किया है। परियोजना को देखकर लगा कि इंजीनियरिंग का इतना अनूठा उदाहरण है। हमने हमेशा पहाड़ों के अंदर टनल देखी है, लेकिन मैदानी इलाकों में पहली बार टनल कार्य देखा है। सभी कार्य पूर्ण गुणवत्ता, फिनिशिंग के साथ किया जा रहा है। निश्चित तौर पर आने वाला सिंहस्थ महापर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पूर्ण किया जाएगा।
