उज्जैन, जिले में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक, अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध लगातार सघन जांच एवं कार्यवाही की जा रही है। जिले में गठित विशेष जांच दल द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सतत निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल द्वारा बताया कि विगत 10 मई को विभाग द्वारा गठित जांच दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया गया। जिले में अभी तक कुल 140 स्थानों पर जांच की गई जिसमे पंजीयन पाए गयें एवं 112 अपंजीकृत पाए गए, जिनमें से 18 अपंजीकृत को सील किया गया। क्लीनिक के पंजीयन के लिये आज दिनांक तक क्लिनिकों के पंजीयन के लिए 57 आवेदन (होम्योपैथिक 25, आयुर्वेदिक 16, एलोपैथी 11, डेंटल 3 व पैथालॉजी 2) प्राप्त हो चुके है।
निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्य संस्थान बिना वैध पंजीयन, आवश्यक अनुमति एवं निर्धारित मापदंडों के विपरीत संचालित पाए गए। ऐसे संस्थानों द्वारा मध्यप्रदेश उपचर्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के प्रावधानों का उल्लंघन किया जाना पाया गया, जिन पर कार्यवाही कर अवैध अस्पतालों एवं क्लिनिक संचालकों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। आवश्यकतानुसार संबंधित संस्थानों को बंद कराने, दस्तावेज जांच, पंजीयन सत्यापन एवं अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही है।
आमजन से अपील की है कि जिले में किसी भी अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्था की जानकारी मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही सोशल मीडिया के द्वारा क्लिनिक / संस्था पर उपचार संबंधी भ्रामक प्रचार-प्रसार कर जनसमुदाय के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जाता है तो ऐसे क्लिनिक/संस्था के विरूद्ध कार्यवाही की जाएंगी।