नकली पहचान बनाकर जमीन बेचने वाले अंतरजिला ठग गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

उज्जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पश्चिम गुरु प्रसाद पाराशर एवं नगर पुलिस अधीक्षक माधव नगर श्रीमती दीपिका शिंदे के मार्गदर्शन में संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं संगठित अपराधों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत थाना माधवनगर पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि विक्रय के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

*🔹घटना का संक्षिप्त विवरण*-

दिनांक 31.05.2026 को फरियादी रविन्द्र सिंह व उनके भतीजे कुलदीप सिंह को कृषि भूमि का मुआवजा मिलने पर, आरोपी मंगल सिंह ने उन्हें ग्राम सलामता में खसरा नंबर 256/2 की जमीन दिखाई। इसके बाद, मंगल सिंह ने रजिस्ट्रार ऑफिस में एक अज्ञात व्यक्ति को असली भू-स्वामी ‘दिलीप सिंह’ बनाकर और उसका फर्जी आधार कार्ड दिखाकर फरियादियों को अपने झांसे में ले लिया। आरोपियों के कहने पर फरियादियों ने कुल 95,000/- रुपये फोन-पे से ट्रांसफर किए और दिनांक 09.05.2026 को 1,39,19,200/- रुपये में जमीन का सौदा तय कर अनुबंध कर लिया। अनुबंध के दौरान आरोपियों को 10,00,000/- रुपये नगद और 25,00,000/- रुपये का चेक दिया गया, जो आरोपियों द्वारा क्लियर करवा लिया गया। इस प्रकार आरोपियों ने कुल 35,95,000/- रुपये की राशि धोखाधड़ी पूर्वक हड़प ली। इसका खुलासा तब हुआ जब फरियादी जमीन पर पहुंचे और वास्तविक दिलीप सिंह से मिले, जिसने अनुबंध करने वाले फर्जी व्यक्ति को पहचानने से इंकार कर दिया। थाना माधवनगर पर अपराध क्रमांक 401/31.05.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) का अपराध दर्ज कर मामला जांच में लिया गया है।

*🔹पुलिस कार्यवाही*-

प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना माधवनगर पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि भूमि धोखाधड़ी प्रकरण के आरोपीगण एक बिना नंबर की सफेद रंग की स्विफ्ट कार से विक्रम नगर ब्रिज के पास आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना माधवनगर पुलिस द्वारा तत्काल एक विशेष टीम गठित कर बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की गई।
मुखबिर के बताए स्थान पर विक्रम नगर ब्रिज के समीप अलकापुरी कॉलोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर एक संदिग्ध स्विफ्ट कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम द्वारा सावधानीपूर्वक घेराबंदी कर वाहन में बैठे दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ एवं पहचान के दौरान उनकी पहचान मंगल सिंह एवं कथित दिलीप सिंह के रूप में हुई।

पूछताछ में आरोपियों ने भूमि विक्रय के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर फरियादी से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि स्वयं को दिलीप सिंह बताने वाला व्यक्ति वास्तविक रूप से भैरूसिंह पिता करणसिंह निवासी ग्राम खेड़ा चितावलिया, थाना माकड़ोन, जिला उज्जैन है, जो फर्जी पहचान एवं कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर भूमि स्वामी बनकर लोगों को ठगता था।

आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्विफ्ट कार, मोबाइल फोन, भूमि अनुबंध संबंधी दस्तावेज एवं विभिन्न नामों से तैयार फर्जी पहचान पत्रों की प्रतियां जप्त की गईं। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने हेतु अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

*🔹जप्ती*-

आरोपियों के कब्जे से निम्न सामग्री विधिवत जप्त की गई—
▪️एक बिना नंबर की सफेद रंग की स्विफ्ट कार
▪️तीन मोबाइल फोन
▪️भूमि अनुबंध से संबंधित दस्तावेज
▪️विभिन्न व्यक्तियों के नाम से तैयार आधार कार्डों की छायाप्रतियां
▪️पैन कार्ड एवं ई-श्रम कार्ड की कूटरचित प्रतियां
▪️धोखाधड़ी में प्रयुक्त अन्य दस्तावेज

*🔹गिरफ्तार आरोपी*-

01. मंगल सिंह पिता हाकम सिंह, निवासी ग्राम रलायती, जिला उज्जैन।

02. भैरूसिंह पिता करणसिंह, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम खेड़ा चितावलिया, थाना माकड़ोन, जिला उज्जैन (जो स्वयं को दिलीप सिंह बताकर फर्जी पहचान का उपयोग कर रहा था)।

*🔹आगे की कार्यवाही*-

प्रकरण में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है। धोखाधड़ी में प्रयुक्त दस्तावेजों की जांच की जा रही है तथा अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।

*🔹सरहनीय भूमिका*-

थाना प्रभारी माधवनगर निरीक्षक गजेंद्र पचोरिया, उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत गौतम। आर देवराज , आर देवीसिंह , आर अविनाश थाना माधव नगर पुलिस टीम

*▪️उज्जैन पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व संबंधित संपत्ति एवं विक्रेता के दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।