एप के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी बंद कर चालक से अवैध रूप से रुपए वसूलने का मामला

उज्जैन, उज्जैन पुलिस द्वारा ई-रिक्शा चालकों को वाहन चालू कराने के नाम पर ठगी करने वाले असामाजिक एवं साइबर अपराधियों के संबंध में जारी एडवाइजरी के बाद थाना नीलगंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। थाना नीलगंगा पुलिस नें प्राप्त शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

*🔹घटना का संक्षिप्त विवरण*-

दिनांक 01.07.2026 को फरियादी अजय चौधरी, निवासी भैरूगढ़, उज्जैन ने थाना नीलगंगा पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका ई-रिक्शा क्रमांक MP13 GE 2166 लोटी तिराहे के पास अचानक बंद हो गया। इसी दौरान एक युवक उसके पास आया और स्वयं को तकनीकी जानकारी रखने वाला बताते हुए मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ई-रिक्शा चालू करने की बात कहकर ₹200/- की मांग की। फरियादी द्वारा राशि देने पर आरोपी ने मोबाइल में मौजूद एप का उपयोग कर ई-रिक्शा पुनः चालू कर दिया।

कुछ देर बाद कंपनी के तकनीकी कर्मचारी एवं ई-रिक्शा चालक संघ के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल में एप पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने उक्त एप के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर पुनः चालू किया तथा इसके एवज में फरियादी से ₹200/- प्राप्त किए।

*🔹पुलिस कार्रवाई*-

शिकायत के आधार पर थाना नीलगंगा में आरोपी—
रीतेश भानूपा, पिता मदन भानूपा, निवासी ग्राम नवली, थाना भैरूगढ़, जिला उज्जैन
के विरुद्ध धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 एवं धारा 65 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

प्रकरण दर्ज होते ही थाना नीलगंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रीतेश भानूपा को अभिरक्ष मे लेकर आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया है। मोबाइल एवं उसमें उपयोग की गई उक्त एप्लीकेशन का तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी द्वारा इस प्रकार की वारदात अन्य ई-रिक्शा चालकों के साथ भी की गई है या नहीं।

उज्जैन पुलिस आमजन एवं ई-रिक्शा चालकों से अपील करती है कि वाहन खराब होने की स्थिति में किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं तथा केवल अधिकृत तकनीशियन से ही सहायता लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 100/112, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना को दें।

*▪️उज्जैन पुलिस नागरिकों को आश्वस्त करती है कि साइबर तकनीक का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।