पुलिस कंट्रोल रूम से निकली जागरूकता रैली

उज्जैन, हर वर्ष 30 जुलाई को मानव तस्करी विरोधी विश्व दिवस (World Day Against Trafficking in Persons) मनाया जाता है। इस दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) द्वारा वर्ष 2013 में की गई थी। इसका उद्देश्य मानव तस्करी जैसे गंभीर एवं संगठित अपराध के प्रति वैश्विक स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाना, पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना तथा मानव तस्करी की रोकथाम के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना है।

*🔹जिला पुलिस उज्जैन द्वारा जागरूकता रैली का आयोजन*-

मानव तस्करी विरोधी विश्व दिवस के अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिला पुलिस उज्जैन द्वारा आमजन में जागरूकता लाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर पुलिस कंट्रोल रूम उज्जैन से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी तथा महिला थाना उज्जैन का समस्त स्टाफ जागरूकता रैली में सम्मिलित हुआ।

रैली के दौरान पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा मानव तस्करी विरोधी संदेशों से युक्त बैनर एवं जागरूकता पोस्टर्स लेकर प्रमुख मार्गों से भ्रमण किया गया। रैली के माध्यम से आम नागरिकों को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति सजग रहने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा पीड़ित व्यक्तियों की सहायता एवं संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।

*🔹रैली के माध्यम से दिया गया जागरूकता संदेश*-

जिला पुलिस उज्जैन द्वारा आयोजित इस जागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को बताया गया कि मानव तस्करी केवल किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन नहीं है, बल्कि यह उसके सम्मान, अधिकारों एवं भविष्य को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह ऐसे अपराधों के विरुद्ध जागरूक रहें और समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई कि यदि किसी व्यक्ति को मानव तस्करी, बाल श्रम, जबरन मजदूरी, संदिग्ध गतिविधियों या किसी व्यक्ति के शोषण से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

*🔹जिला पुलिस उज्जैन द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम तथा अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से ही मानव तस्करी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।