उज्जैन, बाबा महाकाल की नगरी में शिप्रा तट पर विश्व का प्रथम मंदिर भाई बहन प्रेम मंदिर जिनका वर्ष 2000 में चार धाम मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी शांति स्वरूपानंद महाराज 1008 द्वारा महाकाल मंदिर के प्रमुख पुजारी रमन त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी, पं. मुरलीधर शर्मा ने प्राण प्रतिष्ठा संपन्न की और समाजसेवी डॉ. कैलाश नागवंशी ने इस उद्देश्य से मंदिर बनाया कि भाई बहन का प्रेम बना रहे। अपने निजी खेत पर निजी जमीन पर बना यह मंदिर शिप्रा ताल बाईपास जीवनखेड़ी पर मंदिर बना हुआ है। मंदिर का उद्देश्य यह है कि आज वर्तमान समय में भाई बहन का प्रेम कम होता जा रहा है। मकान और जमीन जायजाद की वजह से भाई-बहन में प्रेम कम हो रहा है। भाई के गरीब होने के कारण बहन भाई के घर पर नहीं आती। पैसे के अभाव में भाई-बहन की दूरी बनते जा रही है। हमारा उद्देश्य इस मंदिर में आकर भाई-बहन दर्शन करें और यहां आकर प्रेरणा ले तो भाई और बहन का प्रेम हमेशा बना रहता है।