उज्जैन,सिख मिशन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रभारी (इंचार्ज ) *ज्ञानी बलदेव सिंह उगरा* ने कहा कि सिख पंथ के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के संदेश एवं श्री गुरु ग्रंथ साहिब ,सिख धर्म के सिद्धांतों एवं सिख गुरुओं की शहीदी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश,महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ मैं 40 साल की सेवा के उपरांत ज्ञानी वीर सिंह जी ,गुरुद्वारा श्री गुरु नानक घाट गुरुद्वारा में अपनी सेवा को पूर्ण करते हुए गुरुद्वारा गुरु नानक घाट पर सेवानिवृत हुए l मध्य प्रदेश में देवास इंदौर,बड़वानी ,सेंधवा,एवं तीनों राज्यों मैं सेवा प्रदान की l
40 वर्षों तक घर से बाहर रहकर श्री गुरु नानक के संदेश तीन राज्यों कोने कोने में देना एक बहुत बड़ी तपस्या है l
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक घाट में सिख मिशन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रभारी (इंचार्ज )ज्ञानी *बलदेव सिंह उगरा,* शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी(SGPC) अमृतसर, सिख समाज के प्रवक्ता एस.एस.नारंग,भाई भूपेंद्र सिंह,भाई नानक सिंह,भाई गगनदीप सिंह जी द्वारा सरोपा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया l
सिख समाज के संभागीय प्रवक्ता एस.एस. नारंग ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी(SGPC) अमृतसर , सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार ज्ञानी वीर सिंह जी श्री गुरु नानक देव जी के संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए तीनों राज्यों के सभी शहरों एवं वहां पर स्थापित गुरुद्वारों मैं सभी धर्म के लोगों को नानक जी का संदेश देते हैं l उन्होंने कहा कि धर्म और अध्यात्म का प्रचार प्रसार करना , विश्व को शांति प्रेम व सद्भावना का संदेश देना l उनका पहला उद्घोष था *ना कोई हिंदू न मुसलमान l उन्होंने एक आदर्श हिंदू तथा एक आदर्श मुस्लिम की कल्पना की थी उनका लक्ष्य धार्मिक को जाति भेदभाव को मिटाना था!
इस अवसर पर ज्ञानी वीर सिंह जी ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने एक सुखद विश्व की कल्पना की थी और उस कल्पना को साकार करने के लिए एकेश्वरवाद पर आधारित महामंत्र *एक ओंकार* अर्थात ईश्वर एक है हम सभी उसकी संतान है का पवित्र उद्घोष किया lएक ओंकार का महिमा मंडन करता एक मूल मंत्र प्रदान किया और मूल मंत्र की व्याख्या करती हुई महत्वपूर्ण वाणी का सृजन किया!