पैतृक कृषि भूमि पर किया जबरन कब्जा, कृषक ने पत्रकार वार्ता में लगाए आरोप

उज्जैन, प्रेस क्लब पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मेहरबान सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया की प्रार्थी सरदारसिंह पिता स्व. श्री शंकरलाल ग्राम उमरिया तहसील माकड़ोन ग्राम पंचायत बड़ोदिया अन्तर्गत कृषि भूमि पर परिवार के ही व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जा कर मकान का निर्माण किया जा रहा है जो कि न्यायोचित नहीं है।

प्रार्थी की पैतृक कृषि भूमि जिसका सर्वे क्रमांक 46/3 रकबा 0.12 हेक्टेयर जो कि ग्राम उमरिया तहसील माकडोन में स्थित है जो कि प्रार्थी की आजीविका का एकमात्र सहारा है जिससे परिवार का भरण पोषण होता है। प्रार्थी के भतीजे राजाराम पिता स्व. श्री भेरू जी, पुत्र बंटी पिता राजाराम व ओमप्रकाश पिता राजाराम, पत्नी श्रीमती सौरम बाई पति राजाराम आदि द्वारा वर्ष 2022 से अवैध कब्जा कर रखा है तथा वर्तमान में राजाराम व अन्य के द्वारा मकान का निर्माण भी किया जा रहा है जिस पर रोक लगाने हेतु प्रार्थी द्वारा माननीय न्यायालय की शरण में जाकर प्रकरण दर्ज करवा कर कब्जा रिक्त करवाने की गुहार लगाई गई है लेकिन राजाराम द्वारा राजनीतिक पकड़ होने की वजह से माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना भी की गई।

राजाराम व अन्य द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर रोक लगाने व कृषि भूमि पर से अवैध कब्जा हटाये जाने हेतु तहसीलदार कार्यालय से आदेश क्रमांक /अ-70/2022-23 दिनांक 04.11.2024 को न.प्र.भू.पा. संहिता १७०० की धारा ३०० अम्न्तर्गत कृषि भूमि पर शे मन्प्या रिक्त करने आदेश पारित किया गया था लेकिन राजाराम द्वारा पुनः राजनीतिक दबाव बनाते हुए तहसीलदार के आदेश की भी अवहेलना की गई है। माननीय न्यायालय में राजाराम व अन्य की बार-बार अनुपस्थिति के कारण माननीय न्यायालय द्वारा एक पक्षीय आदेश पारित किया गया था, जिसके परिपालन में प्रार्थी द्वारा स्वयं के आधिपत्य व स्वामित्व की कृषि भूमि पर कब्जा करना चाहा लेकिन राजाराम व अन्य द्वारा प्रार्थी के साथ मारपीट की जिसकी रिपोर्ट दर्ज कर मेडिकल भी हुआ था। राजाराम की कृषि भूमि प्रार्थी की कृषि भूमि से लगी है उसके बावजूद भी जबरदस्ती व गुण्डागर्दी कर प्रार्थी की कृषि भूमि पर कब्जा किया गया है व अब कृषि भूमि के कार्नर पर अवैध मकान का निर्माण भी कर रहा है।

थाना माकड़ोन में भी कई बार राजाराम व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई, प्रार्थी द्वारा सी.एम. हेल्प लाईन में शिकायत दर्ज करवाई गई थी सुनवाई नहीं होने पर पुनः प्रार्थी द्वारा सी.एम. हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज की गई है।