उज्जैन,पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए गहन स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उज्जैन धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर होने के कारण रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 80 हजार से एक लाख यात्रियों का आवागमन होता है। यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या के बीच स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा निरंतर निगरानी एवं प्रयासों के माध्यम से प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वाणिज्य विभाग द्वारा विशेष रूप से गहन स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो एवं रील बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। स्टेशन परिसर में नया पोस्टर एवं बैनर लगाकर भी यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल स्टेशन परिसर की सफाई करना ही नहीं, बल्कि यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
स्वच्छता अभियान के दौरान ऐसे स्थानों की विशेष रूप से पहचान की जा रही है, जहां यात्रियों द्वारा थूकने अथवा कचरा फेंकने की संभावना अधिक रहती है। इनमें सीढ़ियों के पीछे के हिस्से, विभिन्न कोने, वाटर बूथ के आसपास के क्षेत्र तथा फुटओवर ब्रिज के किनारे के हिस्से प्रमुख हैं। इन स्थानों पर विशेष सफाई करवाई जा रही है तथा सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी एवं मॉनिटरिंग की जा रही है।
स्टेशन परिसर में एंटी-क्लीनिंग एवं एंटी-लिटरिंग के लिए नियमित जांच भी की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाते पाए जाने वाले यात्रियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है। पिछले तीन दिनों में उज्जैन रेलवे स्टेशन पर लगभग 500 यात्रियों से कुल ₹1.24 लाख का जुर्माना वसूल किया गया है।
उज्जैन स्टेशन परिसर में 6663 वर्ग फीट क्षेत्र में की जा रही है नैनो कोटिंग
स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में उज्जैन रेलवे स्टेशन पर नैनो कोटिंग प्रणाली को भी शुरू किया गया है। इसके लिए स्टेशन परिसर में लगभग 6663 वर्ग फीट क्षेत्र का चयन किया गया है। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर नैनो कोटिंग की जाएगी, जहां थूकने, पान-गुटखा आदि के दाग लगने की संभावना अधिक रहती है।
नैनो कोटिंग एक आधुनिक सुरक्षात्मक तकनीक है, जिसमें सतह पर एक पारदर्शी एवं अत्यंत पतली सुरक्षात्मक परत बनाई जाती है। यह परत पानी, तेल, थूक एवं अन्य तरल पदार्थों को सतह पर आसानी से चिपकने अथवा अंदर सोखने से रोकने में मदद करती है। इसके कारण सतह पर गंदगी एवं दाग-धब्बे जमने की संभावना कम होती है और यदि कोई गंदगी सतह पर आती भी है तो उसकी सफाई अपेक्षाकृत आसानी से की जा सकती है। नैनो कोटिंग के कारण दीवारों एवं अन्य सार्वजनिक सतहों की सफाई को आसान बनाने के साथ-साथ उनकी बेहतर देखरेख में भी मदद मिलेगी। कोटिंग पारदर्शी होने के कारण सतह के मूल स्वरूप को भी बनाए रखने में सहायता मिलती है। इससे बार-बार होने वाली सफाई एवं रखरखाव की आवश्यकता को कम करने में मदद मिल सकती है।
रतलाम मंडल द्वारा उज्जैन रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ, सुंदर एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे स्टेशन परिसर में कचरा निर्धारित डस्टबिन में ही डालें, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें तथा स्वच्छता बनाए रखे!
