उज्जैन, सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुरुवार को क्षिप्रा नदी के घाटों एवं कार्तिक मेला प्रांगण में आयोजित भव्य दीपोत्सव में लाखों दीप प्रज्वलित किए गए इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स, समाजसेवी संस्थाएं, विभिन्न संगठन, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, शहरवासी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। दीपों की रोशनी से क्षिप्रा के घाट जगमगा उठे और पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बना*
*आयोजन समाप्त होने के पश्चात नगर निगम के सफाई मित्रों ने भी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और समर्पण के साथ निभाई। निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दीपोत्सव के सभी 7 सेक्टरों में रात्रि में ही विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। सफाई मित्र पूरी रात घाटों की सफाई में जुटे रहे, ताकि सुबह यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थ यात्रियों को स्वच्छ और व्यवस्थित घाट मिल सकें*
*नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त श्री संजेश गुप्ता ने बताया कि दीपोत्सव को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले से ही विशेष स्वच्छता प्लान तैयार किया गया था। इसके तहत प्रत्येक सेक्टर में स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, मेट एवं दरोगा की तैनाती की गई। 400 से अधिक सफाई मित्रों ने अलग-अलग सेक्टरों में जिम्मेदारी संभालते हुए दीपोत्सव समाप्त होते ही सफाई कार्य प्रारंभ कर दिया*
*सफाई मित्रों द्वारा घाटों पर प्रज्वलित किए गए दीपों एवं अन्य सामग्री को व्यवस्थित रूप से एकत्रित किया गया। एकत्रित दीपों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से कार्तिक मेला प्रांगण में संग्रहित किया गया। घाटों पर बचे तेल एवं अन्य अवशेषों की भी सफाई की गई। तेल के कारण घाटों पर फिसलन की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक स्थानों पर चूने के पाउडर का छिड़काव भी किया गया*
*नगर निगम के सफाई मित्रों की टीम ने देर रात तक लगातार कार्य करते हुए घाटों को पुनः साफ-सुथरा एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। इसका परिणाम यह रहा कि शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालु और तीर्थ यात्री क्षिप्रा के घाटों पर पहुंचे तो उन्हें घाट स्वच्छ एवं व्यवस्थित मिले*
*दीपोत्सव की भव्यता के साथ स्वच्छता का संदेश भी हुआ मजबूत*
*दीपोत्सव में जहां लाखों दीपों ने क्षिप्रा नदी के घाटों को रोशन किया, वहीं आयोजन के बाद सफाई मित्रों की मेहनत ने यह संदेश भी दिया कि उज्जैन की धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता भी शहर की महत्वपूर्ण पहचान है। हजारों लोगों की सहभागिता से सफल हुए आयोजन के बाद सफाई मित्रों ने रातभर मेहनत कर घाटों को फिर से स्वच्छ बनाकर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।नगर निगम का स्वास्थ्य अमला एवं सफाई मित्र इस बात को सुनिश्चित करने में जुटा रहा कि बड़े जनभागीदारी वाले आयोजन के बाद भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो। सफाई मित्रों की मेहनत, तत्परता और समर्पण से दीपोत्सव के बाद कुछ ही घंटों में घाटों को पुनः स्वच्छ स्वरूप प्रदान किया गया!
