उज्जैन, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने मंगलवार को सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल स्थित सभागार में 100 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई की। जनसुनवाई में जिलेभर से आए आवेदकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें कलेक्टर श्री सिंह के समक्ष रखीं। कलेक्टर श्री सिंह ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले आवेदकों को अपनी समस्या के निराकरण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का उचित निराकरण सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के सीईओ श्री श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर श्री शाश्वत शर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
15 वर्षों से मिल रही पेंशन अचानक बंद, वृद्ध महिला की समस्या पर तत्काल संज्ञान
जनसुनवाई में विधवा वृद्ध महिला देवकीबाई उर्फ देवबाई ने बताया कि उन्हें कर्मचारी पेंशन योजना के अंतर्गत विगत 15 वर्षों से प्रतिमाह 1 हजार रुपये की पेंशन प्राप्त हो रही थी, लेकिन पिछले 6 माह से उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते में पेंशन राशि जमा नहीं हो रही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय में पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि पेंशन खाते में उनका नाम ‘देवकीबाई दर्ज है, जबकि आधार कार्ड में ‘देवबाई नाम दर्ज है। नाम एवं आयु में अंतर होने के कारण पेंशन राशि रोकी गई है। वृद्ध महिला ने बताया कि आधार कार्ड में नाम एवं आयु में सुधार कराने के लिए कियोस्क सेंटर पर लगभग 15 हजार रुपए का खर्च बताया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल वृद्ध महिला के साथ कियोस्क सेंटर पहुंचकर मामले की जांच करने तथा नियमानुसार नाम एवं आयु में आवश्यक सुधार की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई 13 वर्षीय बालिका के उपचार के निर्देश
जनसुनवाई में वेदनगर निवासी 63 वर्षीय सरिता जोशी ने पुत्री अमृता चौहान की 13 वर्षीय बेटी आराध्या के उपचार के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पदमावती एवेन्यू, कानीपुरा मार्ग स्थित किराए के मकान की बालकनी में लगभग 20-25 दिन पूर्व आराध्या हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। हादसे में उसका शरीर 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गया तथा छाती, पेट, दोनों हाथ और कंधे गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। बालिका का उपचार इंदौर के अरविंदो अस्पताल में चल रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नही होने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर श्री सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बालिका के उपचार के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करते हुए उचित उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
किसान के लंबित 48 हजार 468 रुपये के भुगतान के निर्देश
ग्राम बदरखां बोरसिया निवासी किसान जगदीश पिता कालूरामजी ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उन्होंने 12 मई को 37.5 क्विंटल गेहूं नागरिक आपूर्ति निगम को बेचा था। इसके एवज में 17 मई को उन्हें केवल आधी राशि का भुगतान किया गया, जबकि 48 हजार 468 रुपये की शेष राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है। कलेक्टर श्री सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग के अधिकारियों को किसान की लंबित राशि का नियमानुसार भुगतान कराने के निर्देश दिए।
पारिवारिक विवाद के मामले में एसपी कार्यालय को कार्यवाही के निर्देश
तहसील झारड़ा के बरखेड़ा खुर्द निवासी मोना बाई पत्नी जितेंद्र ने शिकायती आवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2017 में उनका विवाह सनोरिया, पोस्ट रणायरपीर निवासी जितेंद्र के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया गया तथा उनके 6 वर्षीय पुत्र अमन और 3 वर्षीय पुत्री अंशिका को अपने पास रख लिया गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने मामले में उचित कार्यवाही के लिए आवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।
बिना डिग्री उपचार करने वाले कथित डॉक्टर के विरुद्ध जांच के निर्देश
ग्राम घिनोदा, तहसील खाचरौद निवासी मांगीलाल पिता नानुरामजी पाटीदार ने शिकायत प्रस्तुत कर बताया कि गांव में बिना किसी मान्य डिग्री के एक बंगाली डॉक्टर द्वारा लोगों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान घटनाएं भी हो चुकी हैं तथा बिना चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र अथवा डिग्री के उपचार किए जाने से आमजन के स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक जांच कर नियमानुसार उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार बडनगर निवासी बाबुलाल परमार ने आवेदन दिया कि कुछ लोगों द्वारा गौशाला की जमीन पर कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया गया है। अत: गौशाला की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करवाया जाए। कलेक्टर ने एसडीएम बडऩगर को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम पिपलौदा द्वारकाधीश निवासी बालाराम पिता रूगनाथ ने आवेदन दिया कि वह दिव्यांग है। साथ ही गांव में मजदूरी कर अपना तथा अपने परिवार का पालन- पोषण करते है। प्रार्थी को शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलवाया जाए। आवश्यक कार्रवाई के लिए सीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिए गए!