उज्जैन, दिनांक 16.10.2026 की रात्रि लगभग 01:00 बजे थाना प्रभारी नागदा श्री अमृतलाल गवरी मय टीम के कस्बा भ्रमण एवं रात्रि गश्त पर रवाना हुए थे। गश्त के दौरान हाईवे स्थित कारतूस ढाबे के पास एक दो मंजिला मकान से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। मकान के चारों ओर आग फैली हुई थी तथा अंदर फंसे लोगों के चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
थाना प्रभारी ने बिना देर किए तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मकान के निचले हिस्से में स्थित दुकान में ग्रीस एवं ऑयल की काफी मात्रा मौजूद थी, वहीं दूसरी मंजिल पर गैस से भरे दो सिलेंडर रखे हुए थे। मकान में फंसे लोगों के बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था तथा फायर ब्रिगेड के पहुंचने में समय लग रहा था।
ऐसी विषम परिस्थिति में थाना प्रभारी निरीक्षक अमृतलाल गवरी ने तत्काल निर्णय लेते हुए अपने पुलिस बल एवं स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया। मकान की दूसरी मंजिल पर फंसे पदम सिंह, उनकी पत्नी नेहा कुंवर एवं पुत्र युजीत सिंह को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस टीम एवं ग्रामीणों ने नीचे गोल घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित रूप से नीचे उतारने की व्यवस्था की। थाना प्रभारी एवं उनकी टीम के साहस, तत्परता और सूझबूझ से तीनों को सुरक्षित बचा लिया गया।पुलिस टीम की त्वरित कार्यवाही से आग में फंसे तीनों लोगों की जान बच गई तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि थाना प्रभारी नागदा पूर्व में भी दो बार सीपीआर देकर लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनका यह कार्य पुलिस की तत्परता, जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और संकट के समय नागरिकों की सहायता के संकल्प को दर्शाता है।
🟣 *सराहनीय भूमिका*-
थाना प्रभारी निरीक्षक अमृतलाल गवरी, एएसआई प्रभुलाल मुनिया, डायल-112 टीम, नगर रक्षा समिति के सदस्य राजेश मोरवाल एवं स्थानीय ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।