श्री महाकालेश्वर मंदिर एवं श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में आतिशबाजी एवं पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध

उज्जैन, दिनांक 08 नवंबर 2026 को दीपावली पर्व के अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर जी की आरती-पूजन के दौरान प्रत्येक आरती में पूजा-अर्चना के अभिन्न अंग के रूप में केवल एक फूलझड़ी जलाई जाएगी। इसमें प्रातःकालीन भस्म आरती, अभ्यंग स्नान के पश्चात होने वाली आरती, संध्या आरती एवं शयन आरती शामिल हैं। यह प्रक्रिया मंदिर की पारंपरिक एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप संपन्न की जाएगी।

इसके अतिरिक्त गर्भगृह, कोटितीर्थ कुंड, मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी, पटाखे फोड़ना तथा ज्वलनशील पदार्थ, अनार, फूलझड़ी अथवा अन्य आतिशबाजी सामग्री लाना एवं उनका उपयोग करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

मंदिर प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से अपील की गई है कि वे दीपावली पर्व को परंपरागत, शांतिपूर्ण एवं श्रद्धाभाव के साथ मनाएं तथा जारी निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करें।

निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए वह स्वयं उत्तरदायी होंगे।