उज्जैन, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी जिला कोषालय श्री कुणाल खेरड़िया ने बताया कि कतिपय स्टाम्प विक्रेताओं द्वारा स्टाम्प निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचे जा रहे हैं, जो कि भारतीय मुद्रांक अधिनियम 1899 तथा मध्यप्रदेश स्टाम्प रूल्स 1942 के विपरीत तथा पंजीयक मुद्रांक द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन है।
स्टाम्प विक्रेताओं को स्टाम्प पर दर्शित मूल्य पर स्टाम्प विक्रय करने निर्देश हैं। नियमों का उल्लघंन करने पर स्टाम्प विक्रेताओं को 6 माह तक का कारावास या 500 रु. तक जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है और लाइसेंस को निरस्त भी किया जा सकता है। स्टाम्प के अधिक मूल्य पर बेचने सम्बन्धी किसी गतिविधि के बारे में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी/पंजीयन मुद्रांक को सूचना दी जा सकती है।