भगवान श्री चित्रगुप्त जी का प्राकट्य दिवस आज सुबह मंदिरों में अनुष्ठान तो शाम को निकलेगी श्री चित्रगुप्त जनदर्शन यात्रा

उज्जैन, आज समस्त प्राणियों के कर्म का लेखा-जोखा रखने वाले ब्रह्मा जी की काया से अस्थ हुए कायस्थ समाज के कुल आराध्य भगवान चित्रगुप्त भगवान का वैशाख शुक्ल गंगा सप्तमी को प्राकट्य दिवस है। इस अवसर पर कायस्थ समाज बड़ी धूमधाम से मनाते हुए सभी चित्रगुप्त मंदिरों में हवन पूजन एवं अनुष्ठान करेगा । उसके बाद शाम 5 बजे भगवान चित्रगुप्त रथ में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। जनदर्शन यात्रा में नगर के सभी चित्रगुप्त मंदिरों के तस्वीर को शामिल किया जाएगा जिससे यात्रा की शोभा बढ़ेगी । प्रतिवर्ष अनुसार 9 वें वर्ष भी भगवान श्री चित्रगुप्त दर्शन यात्रा शाम 5:00 बजे ग्रांड होटल फ्रीगंज से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गो से होते हुए श्री चित्रगुप्त घाट शिप्रा तट छोटे पुल पर जाकर समाप्त होगी। समापन पर महा आरती के पश्चात समाज जनों के लिए कुटुंब रसोई का भी आयोजन होगा ।
उज्जैन कायस्थ समाज अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा मध्यभारत एवं उज्जैन कायस्थ समाज के सभी संगठन संस्थाओं के सहयोग से भगवान श्री चित्रगुप्त जनदर्शन यात्रा निकलती है।

जिसका जैसा कर्म उसको वैसा मोक्ष
रथ में विराजित होकर देंगे दर्शन ..

प्राणी मात्र के कर्मों का लेखा जोखा रखने वाले चित्रगुप्त जिसका जैसा कर्म होता उसको वैसा ही फल देते है । जिन्हें धर्मराज चित्रगुप्त के नाम से भी जाना जाता है । प्राकट्य दिवस पर भगवान रथ में विराजित होकर जनता को दर्शन देने निकलेंगे चित्रगुप्त भगवान के मंदिर है उनकी प्रतिमाओं के फोटो को जनदर्शन यात्रा में सम्मिलित किया जाएगा जिससे सभी मंदिरों की शोभा बढ़ेगी ।

देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ईंधन और पर्यावरण बचाने का नारी शक्ति दिलाएगी संकल्प ..
अनुपमा श्रीवास्तव ने कहा कि देश में ईंधन की कमी हो रही आ जनों को गैस पेट्रोल डीजल नहीं मिल रहा है । साथ ही यात्रा में सम्मिलित होने वाले लोगों से अपील की गई है कि ऊर्जा बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रानिक वाहनों को लेकर आए ताकि देश में ऊर्जा और जल पर्यावरण की रक्षा हो सके ।

राष्ट्र ध्वज के साथ केसरिया ध्वजा के साथ निकलेगी जनदर्शन यात्रा राष्ट्रगान होगा पहले…

वंदे मातरम और भारत माता की जय के साथ भगवान श्री चित्रगुप्त यात्रा प्रारंभ होगी सर्वप्रथम राष्ट्रगान होगा यात्रा में राष्ट्र ध्वज व केसरिया ध्वज के साथ महिलाएं आगे चलेगी। जिसमें महिलाएं केसरिया रंग की साड़ी पहनकर राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश देगी साथी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा यात्रा का स्वागत किया जाएगा ।

आज समाज के घरों में नहीं जलेगा चूल्हा एक जाजम पर कुटुंब भोजन……

संयुक्त परिवारों की अवधारणा को परिभाषित करने के लिए कायस्थ समाज के द्वारा एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है जिसमें समस्त समाज जनों हेतु भगवान श्री चित्रगुप्त दर्शन यात्रा के समापन के बाद कुटुंब रसोई का आयोजन किया जाएगा। घर-घर से अनाज एकत्रित कर कुटुंब रसोई श्री चित्रगुप्त घाट पर बनाई जाएगी जिसमें एक जाजम पर बैठकर समाज जन भोजन करेंगे आज के दिन समाज के परिवारों में चूल्हा नहीं जलाने की अपील
मोतीलाल श्रीवास्तव, उर्मिला श्रीवास्तव, अनुपमा श्रीवास्तव , डॉ सोनल सिंह, डॉ अजय खरे , डॉक्टर जितेंद्र भटनागर , युधिष्ठिर कुलश्रेष्ठ , अंबिका प्रसाद श्रीवास्तव, गीता सक्सेना, भूपेंद कुमार श्रीवास्तव, सुभाष श्रीवास्तव, रूपकिशोर कुलश्रेष्ठ , राजभूषण श्रीवास्तव, अतुल सक्सेना, संजय श्रीवास्तव, ,चेतन श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव ,शशि श्रीवास्तव, रजनी कुलश्रेष्ठ ,वर्षा श्रीवास्तव द्वारा की गई है।