विभाजन विभीषिका हिरोशिमा त्रासदी के समान है- प्रो कल्पना वीरेंद्र सिंह

उज्जैन, आज का दिन बहुत गहरे अर्थ लिए हुए है. हमारे देश ने स्वाधीनता प्राप्त ज़रूर की, लेकिन देश खंडित हो गया। विभाजन की ह्रदय विदारक तस्वीरें हम देखते हैं तो दिल खून के आंसू रोने लगता है. जो विस्थापित हुए हैं, वे ही बता सकते हैँ कि विभाजन का दंश क्या होता है। जिन घरों से लोगों की संवेदना जुडी हुई थी, उन घरों को उन्हें त्याग कर आना पड़ा. रातों रात अपना बरसों पुराना घर और पूर्वजों की यादगार को छोड़ कर चल देना बहुत कष्टदायक था. विभाजन की यह विभीषिका हीरोशिमा त्रासदी की तरह है. जिस तरह हीरोशिमा पर गिराए गए बम से उत्पन्न रेडियोधर्मिता आज भी नष्ट नहीं हो पाई है, उसी तरह विभाजन की टीस विभाजन प्रभावितों के दिल में आज भी उठती है. इस घाव को समय का मरहम भी पूरी तरह भर नहीं पाया है.ये उदगार प्राचार्य प्रो. कल्पना वीरेन्द्र सिंह द्वारा माधव महाविद्यालय में विद्यार्थियों और स्टॉफ के मध्य विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मेँ व्यक्त किए. इस कार्यक्रम के संयोजक प्रो महेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि इस विभीषिका मेँ जो मारे गए, उन्हें हमारा प्रणाम है।
इस अवसर पर उज्जैन के मुख्य डाक तार विभाग से पधारे मुख्य पोस्ट मास्टर श्री अनिल शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों मेँ राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करने के लिए डाक तार विभाग द्वारा उनसे पत्र लिखवाकर और लिफाफे में राखी रख कर सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए भिजवाई जा रही है। इस जागृति की आज देश को नितांत आवश्यकता है। एनसीसी आधिकारी मेजर डॉ. मोहन निमोले ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एनसीसी और एनएसएस के लगभग 100 से अधिक कैडेट्स एवं स्वयंसेवकों ने सैनिकों को पत्र लिखे। महाविद्यालय के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों द्वारा इस प्रकार सीमा पर तैनात सैनिकों के प्रति अपनी सदभावना प्रदर्शित की गई। यह आयोजन प्राचार्य प्रो. कल्पना वीरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में व प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, एनसीसी आधिकारी मेजर डॉ. मोहन निमोले, एनएसएस अधिकारी प्रो. रायसिंह सोलंकी, प्रो. राधेश्याम भील एवं स्पोर्ट्स ऑफिसर श्री नवीन कोरट के नेतृत्व में संपन्न हुआ। डॉ. रफीक नागौरी ने अपनी रचना की पंक्तियां पढ़ कर देशप्रेम की भावना का संचार किया। आभार व्यक्त किया डॉ धर्मेंद्र तिवारी ने इस अवसर पर तिरंगा अभियान संयोजक डॉ. आयशा सिद्दीकी, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. संगीता दुबे, डॉ. मधुबाला अग्रवाल, डॉ.संगीता वत्स, , डॉ. रीना, डॉ. अंजना खेर, डॉ. नूतन पंवार सहित सीनियर अंडर अफसर यश परमार, सार्जेंट श्याम, निखिल ठाकुर, शिवानी चौधरी सहित एनसीसी, एनएसएस एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।