उज्जैन, उज्जैन की पावन धरा पर नागपंचमी एवं सावन के तृतीय सोमवार के अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। 24 घंटे तक चले इस भव्य आयोजन में देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर, श्री नागचंद्रेश्वर एवं बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन किए।
इस दौरान 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर, 4 लाख 80 हजार श्रद्धालुओं ने श्री महाकालेश्वर मंदिर, लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की सवारी तथा लगभग 1 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं ने श्री काल भैरव मंदिर के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं की यह संख्या पिछले वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए उज्जैन में बढ़ती आस्था एवं धार्मिक पर्यटन के प्रति श्रद्धालुओं के बढ़ते रुझान को दर्शाती है। पिछले वर्ष श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में लगभग 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 12 लाख से अधिक हो गई है।
इसी प्रकार, श्री महाकालेश्वर मंदिर में सामान्य दिनों में लगभग ढाई से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की तुलना में इस आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि देखने को मिली। यह उज्जैन की बढ़ती धार्मिक पहचान, बाबा महाकाल के प्रति देशभर में बढ़ती आस्था और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या का स्पष्ट प्रमाण है।
उज्जैन की पावन धरा पर उमड़ा यह विशाल जनसैलाब आगामी सिंहस्थ महापर्व की झलक प्रस्तुत करता है। सिंहस्थ महापर्व के अतिरिक्त उज्जैन के इतिहास में इतने बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं का एकत्रित होना ऐतिहासिक अवसरों में से एक है। यह जनसैलाब उज्जैन की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ आने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए बढ़ती आस्था और व्यापक जनभागीदारी का भी संकेत है।
