उज्जैन, जिला उज्जैन पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़ितों की राशि वापस दिलाने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में थाना जीवाजीगंज पुलिस द्वारा ऑनलाइन मछली व्यापार के नाम पर हुई 05 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए फरियादी की 04 लाख 90 हजार रुपये की राशि वापस उसके बैंक खाते में जमा करवाई गई।
*🔹घटना का विवरण*-
फरियादी कैलाश लश्करी पिता श्री बालाप्रसाद लश्करी, उम्र 54 वर्ष, निवासी 42 अंकपात मार्ग, चैरिटेबल अस्पताल के पास, उज्जैन द्वारा थाना जीवाजीगंज पर उपस्थित होकर अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड के संबंध में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई।
फरियादी ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व आंध्रप्रदेश स्थित “बंगाल टाईगर” नामक कंपनी के राकेश कुमार नामक व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया तथा मछली के व्यापार के संबंध में व्यवसाय करने की इच्छा व्यक्त की गई। आरोपी द्वारा व्यापार से संबंधित कुछ दस्तावेज ऑनलाइन भेजे गए, जिन पर विश्वास करते हुए फरियादी ने आरोपी द्वारा बताए गए एक्सिस बैंक खाते में RTGS के माध्यम से 05 लाख रुपये की राशि स्थानांतरित कर दी।
राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी द्वारा फरियादी का फोन उठाना बंद कर दिया गया, जिससे फरियादी को अपने साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी हुई। इसके पश्चात फरियादी तत्काल थाना जीवाजीगंज पहुंचा और घटना की शिकायत प्रस्तुत की।
*🔹पुलिस की त्वरित कार्यवाही*-
थाना जीवाजीगंज की साइबर शाखा में पदस्थ आरक्षक महेन्द्र वैष्णव द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही प्रारंभ की गई तथा फरियादी की शिकायत को भारत सरकार के NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर दर्ज करवाया गया।
शिकायत दर्ज होने के उपरांत संबंधित बैंकिंग चैनल में तत्काल समन्वय कर आरोपी के बैंक खाते में उपलब्ध राशि को फ्रीज करवाया गया। साथ ही आरोपी द्वारा अन्य खातों में ट्रांसफर की गई राशि में से लगभग 04 लाख 48 हजार रुपये की राशि भी समय रहते फ्रीज करवाई गई। पुलिस की त्वरित कार्यवाही के कारण ठगी की राशि को आगे अन्य खातों में स्थानांतरित होने से रोकने में सफलता प्राप्त हुई।
प्रकरण की प्राथमिक जांच के उपरांत थाना जीवाजीगंज पर अपराध क्रमांक 161/2026, धारा 316(5), 319(2), 318(4) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस द्वारा प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए माननीय न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया। न्यायालय के आदेश के उपरांत कम समय में पुलिस द्वारा बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से फरियादी कैलाश लश्करी की 04 लाख 90 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खाते में वापस करवाने में सफलता प्राप्त की गई।
*🔹पुलिस की अपील*-
उज्जैन पुलिस आमजन से अपील करती है कि ऑनलाइन व्यापार, निवेश, खरीद-बिक्री अथवा किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लेन-देन में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भेजे गए दस्तावेजों एवं बैंक खातों पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर समय न गंवाते हुए तत्काल NCRP पोर्टल/साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं तथा संबंधित थाना पुलिस को सूचना दें। साइबर अपराध में जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी की राशि को फ्रीज कर वापस करवाने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
*🔹सराहनीय भूमिका*-
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रतीक शर्मा, उप निरीक्षक हेमलता सास्ता एवं आरक्षक क्रमांक 1917 महेन्द्र वैष्णव की सराहनीय भूमिका रही।