उज्जैन, श्रावण-भादौ मास के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति, उज्जैन द्वारा मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के समन्वय से ‘शिवतत्व श्रावण कला उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव के अंतर्गत रविवार को शक्तिपथ, त्रिवेणी संग्रहालय के सामने, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में शाम 7 बजे से भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। प्रसिद्ध कलाकारों की शिव भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत प्रसिद्ध मालवा लोक एवं भजन गायक श्री सुंदरलाल मालवीय ने की। उन्होंने ‘शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा’, ‘बाजे डम-डम-डम मेरे भोले का डमरू’ एवं ‘काया भंजन सार जी नाथ’ जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इसके पश्चात श्री किशन भगत ने ‘बस इतनी कृपा करना’, ‘मैं भोले का दीवाना, भोले को जानता हूं’, ‘मुझको तो बस महाकाल बाबा चाहिए’ एवं ‘उज्जैन के राजा कभी कृपा’ सहित विभिन्न शिव भजनों की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भगवान श्री महाकालेश्वर की भक्ति में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति प्रसिद्ध शिव भजन गायक श्री हंसराज रघुवंशी ने दी। उन्होंने अपने लोकप्रिय भजनों ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘शिव समा रहे हैं मुझमें और मैं’, ‘ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत’ तथा ‘लागी मेरी तेरे संग लगी हो मेरे शंकरा’ ‘मेरा भोला है भंडारी’, जैसे सुमधुर भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों से शक्तिपथ पर शिव भक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित हुआ और श्रद्धालु भक्ति के रंग में झूमते नजर आए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग की उप संचालक डॉ. पूजा शुक्ला, श्री महाकालेश्वर मंदिर के उप प्रशासक एवं डिप्टी कलेक्टर श्री एस.एन. सोनी तथा उप प्रशासक एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सिम्मी यादव द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा प्रस्तुति देने पधारे कलाकारों का महाकाल वस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।
श्रावण-भादौ मास में भगवान श्री महाकालेश्वर की आराधना के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ भारतीय कला एवं संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से‘शिवतत्व श्रावण कला उत्सव’ के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
