उज्जैन, इस वर्ष अखिल भारतीय कालिदास समारोह 21 से 27 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। समारोह आयोजन की रूपरेखा एवं विभिन्न कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को कालिदास संस्कृत अकादमी के सभागार में स्थानीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थानीय समिति के उपाध्यक्ष एवं संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने की। बैठक में राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज तथा स्थानीय समिति के सदस्य-सचिव एवं कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह सहित समिति के सदस्य, साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद्,पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में अखिल भारतीय कालिदास समारोह-2026 के आयोजन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समारोह के शुभारंभ एवं समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं सारस्वत अतिथि, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कालिदास संस्कृत अकादमी एवं सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय कालिदास चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज ने कहा कि कालिदास समारोह का आयोजन महाकवि कालिदास के साहित्यिक चिंतन एवं मनन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाता है। समारोह में मालवा की समृद्ध संस्कृति और प्राचीन विद्याओं को भी प्रमुखता से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग सोशल मीडिया और रील देखने-बनाने में अधिक समय व्यतीत कर रहा है। ऐसे में युवाओं को संस्कृति, कला एवं साहित्य से जोड़ते हुए अध्यात्म की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कालिदास समारोह के विभिन्न आयोजनों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वे उज्जैन की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महिमा के साथ-साथ महाकवि कालिदास के साहित्य और उनकी रचनाधर्मिता से भी परिचित हो सकें।
स्थानीय समिति के उपाध्यक्ष एवं संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से महाकवि कालिदास की रचनात्मक स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। समारोह की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को और बढ़ाने के साथ ही इसे नई पीढ़ी से जोडऩा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आकर्षित करने वाले कलाकारों एवं रचनाकारों को समारोह से जोड़ा जाए, ताकि युवा वर्ग समारोह के विभिन्न आयोजनों में रुचि लेकर सहभागी बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसी नगरी से हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री जी की मंशानुरूप कालिदास समारोह को और प्रतिष्ठित स्वरूप प्रदान करने की व्यापक संभावनाएं है। बैठक में प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों को केंद्रीय समिति के समक्ष रखा जाएगा। सभी के सामूहिक प्रयासों से कालिदास समारोह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय समिति की बैठक में पत्रकार श्री निरूक्त भार्गव, श्री अर्जुनसिंह चंदेल, श्री वरुण श्रीमाली, महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र तथा प्रेमचंद सृजनपीठ के निदेशक श्री मुकेश जोशी ने समारोह के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में अखिल भारतीय कालिदास समारोह-2026 के शुभारंभ एवं समापन समारोह के मुख्य अतिथि तथा सारस्वत अतिथि के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही समारोह के स्वरूप, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कालिदास संस्कृत अकादमी एवं सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय कालिदास चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह, समाजसेवी श्री नरेश शर्मा, महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री संजीव मालवीय, श्री श्रीपाद जोशी, श्री रूप पमनानी, श्री शिव चौरसिया, प्रो. बालकृष्ण शर्मा, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, जिला पंचायत के सीईओ श्री श्रेयांश कूमट सहित रंगकर्मी, कलाकार, संगीतज्ञ, साहित्यकार, मीडिया प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का संचालन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय कालिदास समिति के सचिव प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा ने किया तथा आभार कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक श्री गोविंद गंधे ने व्यक्त किया।
सप्त-दिवसीय नाट्य समारोह सहित होंगे विविध आयोजन
अखिल भारतीय कालिदास समारोह मध्यप्रदेश शासन का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आयोजन है। समारोह के अंतर्गत कालिदास संस्कृत अकादमी द्वारा सप्त-दिवसीय नाट्य समारोह के साथ ही कालिदास चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन स्तर के शैक्षणिक एवं साहित्यिक
कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी तथा पं. सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान का आयोजन भी होगा। कालिदास संस्कृत अकादमी में सारस्वत कार्यक्रमों के अंतर्गत परिचर्चा, राष्ट्रीय संगोष्ठी, पं. सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान, महाकवि कालिदास व्याख्यान तथा संस्कृत कवि समवाय सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।