12 अक्टूबर से देवासगेट बस स्टैंड को बंद किया जाकर देवास गेट बस स्टैंड पर बसें ले जाने पर लगायी रोक आदेश जारी

उज्जैन,  सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से देवास गेट बस स्टैंड को बंद किया जाकर देवास गेट बस स्टैंड को नई जगह स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 12 अक्टूबर से देवासगेट बस स्टैंड पर बसें ले जाने पर पूर्ण रूप रोक लगाते हुए सभी बसों का संचालन नानाखेड़ा बस स्टैंड से किए जाने का आदेश क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार एवम संभागायुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन मध्यप्रदेश के द्वारा शासन के अन्य स्थानीय विभागो के प्रतिनिधियों एवम बस संचालकों की बैठक से प्राप्त परामर्श के पश्चात जारी किया गया है,
नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई, परमिट निरस्तीकरण, आरसी कैंसिल और चालानी कार्रवाई सहित अन्य वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
बस स्टैंड के संचालन के लिए पूर्व से संचालित नानाखेड़ा बस स्टैंड स्थित 1.689 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। नानाखेड़ा बस स्टैंड पर बसों की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने के साथ यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नगर पालिका निगम उज्जैन के माध्यम से विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बस स्टैंड के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपने का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा देवासगेट से संचालित होने वाली लोकसेवा बसों को भी प्रस्तावित नए स्थल से संचालित करने की व्यवस्था का उल्लेख है।
प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर बसों के अनावश्यक दबाव को कम करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए तथा शहर अंतर्गत हो रहे वृहद सड़क चौड़ीकरण , एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण तथा अन्य निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्यों के प्रगतिरत होने के कारण बसों के संचालन को सुव्यवस्थित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
*नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई*
12 अक्टूबर से लागू होने वाली बताई गई व्यवस्था के तहत देवासगेट बस स्टैंड पर बसें ले जाने के नियम का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें न्यायालयीन कार्यवाही, परमिट निरस्तीकरण, वाहन का पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) निरस्त करने तथा चालान काटने जैसी कार्रवाई शामिल होगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद बसों के संचालन को निर्धारित स्थल पर व्यवस्थित करने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।