कम वर्षा को देखते हुए किसानों को कम सिंचाई वाली फसलें बोने की सलाह

उज्जैन, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा बताया गया कि आज उज्जैन एवं तराना विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर किसानों को नरवाई प्रबंधन तथा कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए रबी फसलों की बोनी के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

भ्रमण के दौरान किसानों को सलाह दी गई कि कम वर्षा एवं सिंचाई के सीमित संसाधनों को देखते हुए चना, मसूर, अलसी एवं सरसों जैसी कम सिंचाई की आवश्यकता वाली फसलों की बोनी को प्राथमिकता दें। साथ ही खेतों में उपलब्ध नमी का समुचित उपयोग करते हुए परिस्थितियों के अनुरूप फसल का चयन करें।

*खेतों में उपलब्ध नमी का उपयोग कर किसान कर रहे बोनी*

ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान पाया गया कि कुछ किसान खेतों में उपलब्ध नमी का उपयोग करते हुए रबी फसलों की बोनी कर रहे हैं। ग्राम देवनखेड़ी के किसान श्री राजेन्द्र सिंह सिसोदिया द्वारा अपने खेत में सरसों की बोनी की जा रही है। किसानों को उपलब्ध नमी एवं सिंचाई संसाधनों को ध्यान में रखकर फसल उत्पादन की योजना बनाने की सलाह दी गई।

*ई-टोकन से खाद प्राप्त करने में किसानों को मिल रही सुविधा*

ग्राम देवनखेड़ी के किसान श्री राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से उन्हें आसानी से पर्याप्त मात्रा में खाद मिल रहा है। इससे खाद प्राप्त करने में सुविधा हो रही है तथा कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिल रही है।

भ्रमण के दौरान किसानों को नरवाई नहीं जलाने, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। किसानों से अपील की गई कि वे कृषि विभाग की सलाह के अनुसार फसल प्रबंधन अपनाएं और उपलब्ध जल एवं नमी का विवेकपूर्ण उपयोग करें।